एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने जीता कांस्य पदक, 40 साल बाद रचा इतिहास
एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने जीता कांस्य पदक, 40 साल बाद रचा इतिहास
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक (Bronze Medal) अपने नाम किया है। हालांकि, स्वर्ण पदक की रेस में पहुंचने के लिए खेले गए रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम को चीन के हाथों 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बावजूद भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में पदक जीतकर इतिहास रच दिया है।
40 साल बाद लगातार दूसरा पदक
इस ब्रॉन्ज मेडल के साथ ही भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार टीम मेडल जीतकर एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना दिया है। इससे पहले भारत ने 1982 और 1986 के एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीते थे। इस तरह 40 साल के लंबे अंतराल के बाद भारतीय पुरुष टीम ने लगातार दो एशियन गेम्स में टीम स्पर्धा का पदक हासिल करने की बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। (गौरतलब है कि पिछले 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में भारत ने सिल्वर मेडल जीता था और तब भी फाइनल में चीन से ही हार मिली थी)।
सेमीफाइनल मुकाबले का हाल: भारत बनाम चीन
सात्विक-चिराग की शानदार जीत: भारत के लिए एकमात्र जीत स्टार डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने दिलाई। उन्होंने पेरिस ओलंपिक के सिल्वर मेडलिस्ट और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियंस लियांग वेई केंग और वांग चांग की मजबूत जोड़ी को सीधे सेटों में 21-11, 22-20 से हराकर मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर ला दिया था।
लक्ष्य सेन का मुकाबला: पहले सिंगल्स मुकाबले में दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य सेन को दुनिया के छठे नंबर के चीनी खिलाड़ी शी यू क्यूई के खिलाफ 16-21, 18-21 से हार झेलनी पड़ी।
आयुष शेट्टी का संघर्ष: स्कोर 1-1 से बराबर होने के बाद युवा आयुष शेट्टी (दुनिया के 20वें नंबर के खिलाड़ी) से उम्मीदें थीं, लेकिन उन्हें चीन के 12वें नंबर के ली शी फेंग के खिलाफ 19-21, 13-21 से शिकस्त का सामना करना पड़ा, जिससे चीन ने 2-1 की बढ़त बना ली।
हरिहरन और अर्जुन की जोड़ी चूकी: चौथे मुकाबले में भारत की ओर से हरिहरन अम्साकरुणन और एमआर अर्जुन की जोड़ी उतरी। दुनिया की 25वें नंबर की इस भारतीय जोड़ी ने कड़ा संघर्ष किया, लेकिन हे जी टिंग और लियू यी की जोड़ी के खिलाफ उन्हें 16-21, 21-17, 9-21 से हार का सामना करना पड़ा।
इसके साथ ही चीन ने सेमीफाइनल टाई 3-1 से जीतकर फाइनल में प्रवेश कर लिया, जबकि भारतीय टीम ने गर्व के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
