संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने की ‘ग्लोबल साउथ’ की मंत्रिस्तरीय बैठक की अध्यक्षता, कई देशों के समकक्षों से द्विपक्षीय चर्चा
संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने की ‘ग्लोबल साउथ’ की मंत्रिस्तरीय बैठक की अध्यक्षता, कई देशों के समकक्षों से द्विपक्षीय चर्चा
न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र से इतर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) के समान विचारधारा वाले देशों की उच्च-स्तरीय मंत्रिस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य विषय ‘एक उज्ज्वल भविष्य की ओर साथ-साथ आगे बढ़ना-सशक्त वैश्विक दक्षिण का मजबूत पक्ष’ था।
1. ‘ग्लोबल साउथ’ मंत्रिस्तरीय बैठक के मुख्य बिंदु
प्रमुख चुनौतियां: बैठक के दौरान खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा पर जारी संघर्षों के असर, व्यापार एवं निवेश प्रवाह में अस्थिरता, चरम जलवायु घटनाओं और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करने में हो रही देरी पर गंभीर चर्चा हुई।
संयुक्त राष्ट्र सुधार: मित्र देशों ने बहुपक्षीय संस्थाओं के कमजोर पड़ने पर चिंता जताई और मौजूदा वैश्विक संकटों से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधार की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सहयोग: एआई के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए यह रेखांकित किया गया कि तकनीकी बदलाव दुनिया में नई खाई पैदा करने वाले नहीं होने चाहिए, बल्कि इसका उपयोग मानव-केंद्रित तरीके से होना चाहिए।
समुद्री सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला: एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि बैठक में आपूर्ति श्रृंखलाओं, वित्त और कनेक्टिविटी में ऐसे अवरोधों को अस्वीकार करने पर जोर दिया गया जो विकासशील देशों के लिए मुश्किलें पैदा करते हैं। साथ ही अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत समुद्री मार्गों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही गई।
2. द्विपक्षीय बैठकें और कूटनीतिक कड़ियां
संयुक्त राष्ट्र सत्र के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने विभिन्न देशों के अपने समकक्षों से मुलाकात कर द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा की:
भारत-यूएई-फ्रांस त्रिपक्षीय बैठक: तीनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), अंतरिक्ष, स्वास्थ्य विज्ञान, ऊर्जा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
नेपाल के साथ चर्चा: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल के साथ हुई बैठक में द्विपक्षीय संबंधों, विकास साझेदारी और ऊर्जा सहयोग की समीक्षा की गई। इस दौरान नेपाली विदेश मंत्री ने हालिया बाढ़ आपदा के वक्त भारत से मिली तत्काल सहायता के लिए आभार व्यक्त किया।
जर्मनी के विदेश मंत्री से मुलाकात: जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल के साथ बैठक में यूक्रेन और खाड़ी क्षेत्र में जारी संकटों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
G4 देशों की संयुक्त बैठक: ब्राजील, जर्मनी, जापान और भारत के (G4) विदेश मंत्रियों की संयुक्त बैठक में बहुपक्षवाद में सुधार और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) को अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण, उत्तरदायी व प्रभावी बनाने के लिए स्थायी सदस्यता के विस्तार की मांग दोहराई गई।
