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नेपाल ने भारत से की अपील: राष्ट्रीय पहचान पत्र (NID) को मिले वैध ‘ट्रैवल डॉक्यूमेंट’ का दर्जा

नेपाल ने भारत से की अपील: राष्ट्रीय पहचान पत्र (NID) को मिले वैध ‘ट्रैवल डॉक्यूमेंट’ का दर्जा

​नेपाल सरकार ने औपचारिक रूप से भारत सरकार से अनुरोध किया है कि वह दोनों देशों के बीच सीमा पार यात्रा के लिए नेपाल के राष्ट्रीय पहचान पत्र (NID) को एक वैध यात्रा दस्तावेज (Travel Document) के रूप में मान्यता दे। इसका मुख्य उद्देश्य सीमा सुरक्षा को मजबूत करना, पहचान सत्यापन को सटीक बनाना और दोनों देशों के नागरिकों की आवाजाही को और आसान बनाना है।

​1. क्या है नेपाल का राष्ट्रीय पहचान पत्र (NID)?

​बायोमेट्रिक आधारित कार्ड: नेपाल का NID एक आधुनिक डिजिटल कार्ड है, जिसमें धारक के फिंगरप्रिंट, चेहरे की तस्वीर और आईरिस स्कैन (पुतली का स्कैन) जैसी बायोमेट्रिक जानकारी शामिल है।

​अनिवार्य सेवा: नेपाली सरकार ने पासपोर्ट आवेदन, जमीन का पंजीकरण, बैंक खाता खोलने और अन्य सभी प्रमुख सरकारी सेवाओं के लिए NID को अनिवार्य कर दिया है।

​मौजूदा स्थिति: नेपाल के ‘नेशनल आईडी एंड सिविल रजिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट’ के अनुसार, 45 लाख (4.5 मिलियन) से अधिक नेपाली नागरिकों को NID कार्ड जारी किया जा चुका है, जबकि लगभग 2 करोड़ (20 मिलियन) लोगों ने इसके लिए नामांकन (Enrollment) कराया है।

​2. क्यों पड़ी इसकी आवश्यकता?

​सुरक्षा में सुधार: वर्तमान में भारत यात्रा के लिए नेपाली नागरिकों के कागजी नागरिकता प्रमाण पत्र (Citizenship Certificate) और पासपोर्ट को मान्यता देता है। कागजी नागरिकता प्रमाण पत्र में कोई बायोमेट्रिक डेटा नहीं होता, जिससे सुरक्षा संबंधी जोखिम बने रहते हैं।

​सुरक्षित विकल्प: NID में डिजिटल बायोमेट्रिक विवरण होने के कारण यह जालसाजी से मुक्त है और भारत-नेपाल दोनों देशों के सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाएगा।

​पुराने दस्तावेजों को बदलना: नेपाल सरकार अपने नागरिकों के पुराने कागजी नागरिकता प्रमाण पत्रों को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल रूप से पढ़े जाने योग्य (Digitally Readable) पहचान पत्रों से बदल रही है।

​3. भारत का रुख और ताजा घटनाक्रम

​औपचारिक प्रस्ताव: नेपाल के डिपार्टमेंट ऑफ इमिग्रेशन के डायरेक्टर जनरल राम चंद्र तिवारी ने बताया कि जून के अंत में भारत सरकार को हवाई यात्रा और क्रॉस-बॉर्डर मूवमेंट के लिए NID को मान्यता देने का औपचारिक प्रस्ताव भेजा गया था।

​भारतीय दूतावास की पूछताछ: प्रस्ताव मिलने के बाद, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने नेपाली इमिग्रेशन अधिकारियों से NID कार्ड के तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं के संबंध में अनौपचारिक जानकारी मांगी है।

​4. वर्तमान यात्रा नियम (भारत-नेपाल सीमा)

​नेपाल और भारत के बीच खुली सीमा (Open Border) व्यवस्था है, जहाँ नागरिकों को आवाजाही के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं होती।

​हवाई यात्रा के नियम (भारतीयों के लिए): हवाई जहाज से नेपाल जाने वाले भारतीय नागरिक अभी वैध पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड या केंद्र/राज्य सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र का उपयोग कर सकते हैं।

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