मॉनसून सत्र के लिए DMK की रणनीति: स्टालिन ने लंदन से की सांसदों के साथ बैठक, कांग्रेस से दूरी बनाने की हिदायत
मॉनसून सत्र के लिए DMK की रणनीति: स्टालिन ने लंदन से की सांसदों के साथ बैठक, कांग्रेस से दूरी बनाने की हिदायत
चेन्नई: संसद के आगामी मॉनसून सत्र को लेकर द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के सांसदों की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने लंदन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की। बैठक में आगामी सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों को लेकर कई अहम प्रस्ताव पास किए गए, जिसमें मेकेदाटु बांध विवाद, कावेरी जल विवाद और राज्य की स्वायत्तता (State Autonomy) का मुद्दा प्रमुखता से शामिल है।
कांग्रेस के साथ गठबंधन टूटने के संकेत, सांसदों को दूरी बनाने की हिदायत
बैठक से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, पार्टी प्रमुख एमके स्टालिन ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। सूत्रों के अनुसार:
”एमके स्टालिन ने बैठक में कांग्रेस पार्टी के ‘दोहरेपन’ की खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने चुनाव में DMK की बदौलत सीटें जीतीं, उसी ने सत्ता के लालच में आकर DMK के साथ विश्वासघात किया है। स्टालिन ने अपने सभी सांसदों को सख्त हिदायत दी है कि वे कांग्रेस पार्टी से दूरी बनाकर रखें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब DMK और कांग्रेस के बीच सब कुछ खत्म हो चुका है।”
परिसीमन (Delimitation) बिल पर विरोध जारी रहेगा
DMK के सूत्रों के अनुसार, बैठक में जनसंख्या के आधार पर लाए जा रहे मौजूदा परिसीमन बिल और महिला आरक्षण से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा हुई।
मौजूदा स्वरूप का विरोध: पार्टी ने तय किया है कि वह परिसीमन बिल का उसके मौजूदा रूप में विरोध जारी रखेगी।
नए बिल का इंतजार: DMK अब सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले नए बिल का इंतजार करेगी और उसमें दी गई सिफारिशों की समीक्षा करने के बाद ही अपना अगला कदम उठाएगी। गौरतलब है कि कांग्रेस ने भी इस बिल का विरोध करने की बात कही है।
मेकेदाटु बांध और कावेरी जल विवाद पर कड़ा रुख
बैठक में पारित पहले प्रस्ताव में कर्नाटक सरकार पर कावेरी नदी के पानी में तमिलनाडु का उचित हिस्सा न देने का गंभीर आरोप लगाया गया।
किसानों की परेशानी: DMK का कहना है कि कर्नाटक के अड़ियल रुख के कारण मेट्टूर बांध खोलने में देरी हुई, जिससे तमिलनाडु के किसानों को भारी नुकसान और परेशानी का सामना करना पड़ा।
न्यायाधिकरण (Tribunal) की मांग: पार्टी ने कावेरी नदी पर कर्नाटक द्वारा बनाए जा रहे मेकेदाटु बांध (Mekedatu Dam) के निर्माण का कड़ा विरोध दोहराया। साथ ही केंद्र सरकार से मांग की कि इस अंतरराज्यीय विवाद को सुलझाने के लिए तुरंत एक ट्रिब्यूनल का गठन किया जाए।
”संसद में गूंजेगी तमिलनाडु के लोगों की आवाज” – स्टालिन
एक अन्य प्रस्ताव में DMK ने संकल्प लिया कि उसके सांसद संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में राज्य के अधिकारों, संघवाद (Federalism) और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए तमिलनाडु की चिंताओं को प्रमुखता से उठाते रहेंगे।
बैठक के समापन के बाद, पार्टी प्रमुख एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि DMK का हर एक सांसद संसद में तमिलनाडु की जनता की “आवाज और जमीर” बनकर काम करेगा। उन्होंने साफ किया कि केंद्र सरकार द्वारा लाए जाने वाले हर कानून की समीक्षा राज्य की स्वायत्तता और भारतीय संविधान के चश्मे से ही की जाएगी।
