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होर्मुज में भारी तनाव: अमेरिका ने फिर की नौसैनिक नाकेबंदी, ईरान ने कसम खाई— ‘नहीं जाने देंगे तेल की एक बूंद’

होर्मुज में भारी तनाव: अमेरिका ने फिर की नौसैनिक नाकेबंदी, ईरान ने कसम खाई— ‘नहीं जाने देंगे तेल की एक बूंद’

​दुबई/वाशिंगटन: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) एक बार फिर पूर्ण युद्ध (फुल-स्केल वॉर) की विभीषिका में झुलस रहा है। मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात अमेरिकी सेना ने ईरान पर लगातार चौथे दिन भीषण हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी सहयोगी देशों कुवैत और बहरीन पर ड्रोन व मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं। इस बीच, अमेरिका ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्ग— होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरान के लिए फिर से सख्त नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है।

​चौथे दिन भी अमेरिका के भीषण हमले; नाकेबंदी वापस लागू

​अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि इन हमलों का मुख्य उद्देश्य होर्मुज क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों पर हमला करने की ईरानी सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना है।

​हमलों के केंद्र: ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह शहर, खाड़ी द्वीप केशम और बुशहर (जहां ईरान का एकमात्र नागरिक परमाणु संयंत्र है) में कई धमाके सुने गए।

​समझौता टूटा: ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नाकेबंदी के कारण वाशिंगटन के साथ हुआ द्विपक्षीय ‘इस्लामाबाद समझौता’ (MoU) अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। ईरान अब खुद को सीजफायर की शर्तों से बाध्य नहीं मानता।

​ट्रंप की खुली धमकी— ‘उड़ा देंगे बिजली संयंत्र और पुल’

​अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने सीधी चेतावनी दी:

​”अगर तेहरान बातचीत की मेज पर आकर नया समझौता नहीं करता है, तो अगले हफ्ते से हालात उनके लिए और खराब हो जाएंगे। अमेरिकी सेना ईरान के बिजली संयंत्रों (पावर प्लांट्स) और पुलों जैसे सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह नष्ट कर देगी।”

​टैक्स धमकी से पीछे हटे ट्रंप: हालांकि, खाड़ी देशों की विशेष अपील पर ट्रंप ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत का भारी टैक्स लगाने की अपनी पुरानी धमकी को वापस ले लिया है। इसके बदले खाड़ी देश अब अमेरिका में बड़े पैमाने पर व्यापार और निवेश करेंगे।

​क्षेत्र में फैला युद्ध: कुवैत-बहरीन में सायरन, जॉर्डन में हमला

​अमेरिकी हमलों के पलटवार में ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमला किया।

​कुवैत: कुवैती सेना ने बयान जारी कर बताया कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम ईरान की तरफ से आ रहे आत्मघाती ड्रोनों को लगातार हवा में मार गिरा रहा है।

​बहरीन: अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले बहरीन में हवाई हमलों के सायरन गूंज उठे हैं। वहां के गृह मंत्रालय ने नागरिकों से तुरंत नजदीकी सुरक्षित बंकरों में जाने की अपील की है।

​वैश्विक तेल संकट का गहराया खतरा

​चूँकि दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल अकेले होर्मुज के रास्ते गुजरता है, इस नाकेबंदी और युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। IRGC ने दोटूक कसम खाई है कि जब तक इलाके में अमेरिका की आक्रामक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी, तब तक होर्मुज से “तेल और गैस की एक भी बूंद” एक्सपोर्ट नहीं होने दी जाएगी।

​CENTCOM के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में ईरान ने सात कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया है, जिसमें लगभग एक दर्जन चालक दल के सदस्य मारे गए या लापता हैं। इनमें एक भारतीय नाविक भी शामिल है, जिसकी मौत यूएई (UAE) के झंडे वाले जहाज पर हुए ईरानी हमले के दौरान हुई। फिलहाल, दोनों परमाणु-सक्षम शक्तियों के बीच चल रही यह जंग कभी भी पूरी दुनिया को गंभीर ऊर्जा संकट में धकेल सकती है।

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