मिशन 2027: देहरादून में के.सी. वेणुगोपाल का बड़ा मंथन; गुटबाजी भूल एकजुट होने का मंत्र, बेरोजगारी और पलायन बनेंगे चुनावी मुद्दा
मिशन 2027: देहरादून में के.सी. वेणुगोपाल का बड़ा मंथन; गुटबाजी भूल एकजुट होने का मंत्र, बेरोजगारी और पलायन बनेंगे चुनावी मुद्दा
देहरादून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल का दो दिवसीय उत्तराखंड दौरा संपन्न हो गया है। आगामी 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस ने राज्य में अपनी सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। दौरे के दौरान वेणुगोपाल ने देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी की सीनियर लीडरशिप, विधायकों, पूर्व विधायकों और सभी आनुषंगिक संगठनों (विग्स) के साथ ताबड़तोड़ उच्च स्तरीय बैठकें कीं और चुनाव का रणनीतिक रोडमैप तैयार किया।
दौरे के दूसरे दिन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए के.सी. वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने सरकार के खिलाफ चुनावी शंखनाद किया।
मतभेद भुलाकर एकजुट हों, बूथ स्तर तक ‘चक्रव्यूह’ तैयार करें
बैठक में राष्ट्रीय महासचिव ने कड़े शब्दों में पार्टी नेताओं को एकजुटता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा:
गुटबाजी पर कड़ा संदेश: सभी नेता और संगठन अपने आपसी मतभेद पूरी तरह भुलाकर मैदान में उतरें। 2027 की चुनावी जंग केवल एकजुट होकर ही जीती जा सकती है।
जनांदोलन की तैयारी: युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, NSUI और सेवा दल जैसे फ्रंटल संगठनों को निर्देश दिया गया है कि वे जनता के बीच जाएं और भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों को बेनकाब करें।
बूथ स्तर पर सक्रियता: सभी विंग के अध्यक्षों को अपनी कमेटियों को बूथ स्तर तक एक्टिव करने और युवाओं व महिलाओं को बड़े पैमाने पर कांग्रेस से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है।
बेरोजगारी-पलायन मुख्य मुद्दा, कांग्रेस लाएगी ‘बड़ा घोषणा पत्र’
के.सी. वेणुगोपाल ने साफ किया कि आगामी चुनाव में कांग्रेस की लड़ाई सीधे तौर पर प्रदेश की जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर होगी।
चुनावी मुद्दे: पिछले 10 सालों में भाजपा सरकार की नाकामी के चलते राज्य में बेरोजगारी और पलायन चरम पर पहुंच गया है, जिसे कांग्रेस अपना मुख्य मुद्दा बनाएगी।
भ्रष्टाचार और पेपर लीक: प्रदेश सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि हर जगह करप्शन है। पेपर लीक मामलों ने प्रदेश के युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है।
भव्य मेनिफेस्टो: कांग्रेस उत्तराखंड के लिए एक बड़ा और जन-केंद्रित घोषणा पत्र (Manifesto) तैयार कर रही है, जिसके लिए मेनिफेस्टो कमेटी ने पूरे राज्य में विभिन्न वर्गों से संवाद किया है।
मंदिर चंदा चोरी और अंकिता भंडारी केस पर घेरा; सुप्रीम कोर्ट से जांच की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे राजनीतिक बाण छोड़े:
राम मंदिर चंदा चोरी का आरोप: के.सी. वेणुगोपाल ने अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में कथित चंदा चोरी मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट पीएम के सुपरविजन में बना था, फिर भी इस चोरी पर वे मौन क्यों हैं? कांग्रेस मांग करती है कि इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी (Supervision) में जांच हो।
कुमारी शैलजा का हमला: उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने पार्टी में किसी भी तरह की गुटबाजी से इनकार किया। उन्होंने बदरीनाथ धाम और अयोध्या मामले को उठाते हुए केंद्र को घेरा और साथ ही अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाकर राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
निष्कर्ष:
के.सी. वेणुगोपाल के इस संगठनात्मक दौरे ने उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर नई ऊर्जा भरने का काम किया है। 17 जुलाई को होने वाले राहुल गांधी के देहरादून दौरे से ठीक पहले इस बैठक को कांग्रेस के जमीनी ‘चक्रव्यूह’ की मजबूत शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
