उत्तराखंड

उत्तराखंड में आफत की बारिश: केदारनाथ यात्रा मार्ग हाई अलर्ट पर, संगम घाट खाली कराया; हरिद्वार में उफान पर गंगा और बरसाती नदियां

उत्तराखंड में आफत की बारिश: केदारनाथ यात्रा मार्ग हाई अलर्ट पर, संगम घाट खाली कराया; हरिद्वार में उफान पर गंगा और बरसाती नदियां

​देहरादून/हरिद्वार। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) द्वारा जारी भारी बारिश का अलर्ट उत्तराखंड में सही साबित हुआ है। पिछले तीन दिनों से राज्य के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में मूसलधार बारिश का सिलसिला जारी है। इसके चलते जहां एक ओर रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है, वहीं दूसरी ओर हरिद्वार और आसपास के मैदानी इलाकों में गंगा समेत कई बरसाती नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

​🏔️ केदारनाथ धाम: हाई अलर्ट पर प्रशासन, संगम घाट कराया गया खाली

​रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) विशाल मिश्रा के निर्देश पर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित रखने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:

​24 घंटे निगरानी: सोनप्रयाग, गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ धाम तक पूरे पैदल मार्ग के संवेदनशील और भूस्खलन संभावित (Landslide Prone) क्षेत्रों में सेक्टर अधिकारियों द्वारा चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।

​संगम घाट खाली कराया: संभावित भारी वर्षा और नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका को देखते हुए केदारनाथ धाम स्थित संगम घाट क्षेत्र को एहतियातन खाली करा दिया गया है और वहां मौजूद सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

​सुरक्षा एजेंसियां तैनात: पुलिस, आपदा प्रबंधन, SDRF, NDRF और DDRF की संयुक्त टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर पॉइंट पर मुस्तैद हैं।

​DM की अपील: जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक दिशा-निर्देशों का ही पालन करें।

​🌊 मैदानी इलाकों में असर: हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज पर बढ़ा गंगा का जलस्तर

​पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश का असर अब मैदानों में साफ दिखने लगा है। हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर सामान्य से अधिक दर्ज किया गया है।

​चेतावनी स्तर के नजदीक गंगा: शुक्रवार दोपहर 12 बजे हरिद्वार के भीमगोडा बैराज पर गंगा का जलस्तर 291.10 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि, यह चेतावनी के स्तर (293 मीटर) से अभी नीचे है, लेकिन बारिश जारी रहने पर इसके और बढ़ने का अंदेशा है।

​निचले इलाकों में अलर्ट: यूपी सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। बाढ़ चौकियां एक्टिव कर दी गई हैं और गंगा से सटे गांवों में लोगों को नदी किनारे न जाने की हिदायत दी गई है।

​🚜 लक्सर-खानपुर में बाढ़ जैसे हालात, उफनाई बरसाती नदियां

​बारिश के कारण हरिद्वार जिले की सोलानी, बाणगंगा और पथरी रौह जैसी बरसाती नदियां उफान पर हैं, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है:

​लक्सर और खानपुर में संकट: इन क्षेत्रों में हर साल की तरह इस बार भी बाढ़ के हालात बन रहे हैं, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। हालांकि, अभी तक कोई तटबंध टूटने की खबर नहीं है।

​SDRF ने किया रेस्क्यू: बीते दिन पानी के तेज बहाव के बीच फंसे एक पिता-पुत्र को SDRF की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया।

​लालढांग क्षेत्र में जलभराव: हरिद्वार-नजीबाबाद निर्माणाधीन हाईवे के कारण पानी निकासी का रास्ता ब्लॉक होने से लालढांग के कई गांवों में पानी भर गया है। यहां बहने वाली रवासन नदी भी पूरे उफान पर है।

​अधिकारियों का वक्तव्य:

“बारिश के मद्देनजर जिला प्रशासन ने बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं, जहां से हर घंटे की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। निचले और संवेदनशील इलाकों में लगातार अलर्ट जारी किया जा रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *