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फ़िरोज़ाबाद: डेढ़ साल के मासूम को 8 बार जमीन पर पटककर मारने वाले कलयुगी चाचा को फांसी की सजा, 6 दिन में दाखिल हुई थी चार्जशीट

फ़िरोज़ाबाद: डेढ़ साल के मासूम को 8 बार जमीन पर पटककर मारने वाले कलयुगी चाचा को फांसी की सजा, 6 दिन में दाखिल हुई थी चार्जशीट

​शिकोहाबाद (फ़िरोज़ाबाद)।

उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां शिकोहाबाद की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या करने वाले कलयुगी चाचा (रिश्ते के देवर) विराज पाठक को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस हत्याकांड को ‘क्रूरतम’ मानते हुए दोषी को मौत की सजा से दंडित किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मजबूत पैरवी के चलते मासूम की मां को आखिरकार न्याय मिल गया है।

​एकतरफा प्यार में बना हैवान, मासूम को माना रास्ते का रोड़ा

​यह दिल दहला देने वाली घटना बीते 30 मई को शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में घटित हुई थी। पुलिस जांच और अदालती सुनवाई में सामने आया कि बदायूं के शेखुपुरा का रहने वाला आरोपी विराज पाठक, बच्चे की मां रति से एकतरफा प्यार करता था और उस पर शादी करने का लगातार दबाव बना रहा था। रति का अपने पति सुमित से घरेलू विवाद चल रहा था और वह तलाक चाहती थी।

​विराज को लगता था कि रति का डेढ़ साल का बेटा आरव उन दोनों की शादी के बीच की सबसे बड़ी रुकावट है। इसी सनक में उसने मासूम की हत्या की खौफनाक साजिश रची।

​घटनाक्रम: टॉफी दिलाने के बहाने ले गया और ले ली जान

30 मई की दोपहर आरोपी विराज मासूम आरव को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ गली में ले गया। इसके बाद उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए डेढ़ साल के बच्चे को एक के बाद एक, कुल आठ बार सड़क पर पटक-पटक कर मार डाला। इस नृशंस वारदात का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक मासूम दम तोड़ चुका था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

​पुलिस ने 6 दिन में दाखिल की चार्जशीट, एनकाउंटर में पकड़ा गया था आरोपी

​वारदात को अंजाम देकर भाग रहे हत्यारे विराज पाठक को पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों बाद एक मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी मैनपुरी रोड पर बुड्ढा भरथरा चौराहे के पास छिपा है। जब पुलिस टीम ने उसे घेरा, तो उसने झाड़ियों में छिपकर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया। पुलिस ने उसके पास से:

​एक अवैध देसी पिस्तौल

​5 जिंदा कारतूस

​2 खाली खोखे बरामद किए थे।

​मासूम को इंसाफ दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में अभूतपूर्व तेजी दिखाई। हत्याकांड के महज 6 दिनों के भीतर पुलिस ने कोर्ट में पुख्ता सबूतों के साथ चार्जशीट दाखिल कर दी थी।

​मां की मांग हुई पूरी, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

​अदालत में मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के तहत बेहद तेजी से चली। बच्चे की मां रति ने अदालत से आरोपी के लिए सिर्फ और सिर्फ फांसी की सजा की मांग की थी। कोर्ट ने सभी गवाहों, बयानों और वैज्ञानिक साक्ष्यों (वीडियो फुटेज) का संज्ञान लेते हुए आरोपी विराज पाठक को दोषी करार दिया और उसे फांसी के फंदे पर लटकाने का ऐतिहासिक हुक्म सुनाया।

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