सावधान! महंगे प्रीमियम पेट्रोल में भी मिल रहा है 20% एथेनॉल, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
सावधान! महंगे प्रीमियम पेट्रोल में भी मिल रहा है 20% एथेनॉल, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
नई दिल्ली: इन दिनों वाहन चालकों के बीच सामान्य पेट्रोल में एथेनॉल मिक्सिंग के कारण इंजन में आ रही दिक्कतों और कम माइलेज को लेकर भ्रम का माहौल है। इससे बचने के लिए लोग तेजी से महंगे हाई-स्पीड पेट्रोल (जैसे IOC का XP95, BPCL का स्पीड) का रुख कर रहे हैं। लोगों को लगता है कि अधिक पैसे चुकाकर वे अपने वाहन को एथेनॉल के दुष्प्रभावों से बचा रहे हैं, लेकिन ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों ने इस पर बड़ा खुलासा किया है।
क्यों नहीं चलता एथेनॉल का पता?
विशेषज्ञों के अनुसार, महंगे हाई-स्पीड पेट्रोल में भी सामान्य ईंधन की तरह ही 20 प्रतिशत एथेनॉल (E-20) मिलाया जा रहा है। प्रीमियम पेट्रोल का ऑक्टेन नंबर अधिक होता है, जिससे इंजन के भीतर ईंधन का दहन सुचारू रूप से होता है, आवाज कम होती है और बेहतर पिकअप मिलता है। इसी बढ़ी हुई ऑक्टेन वैल्यू के कारण चालकों को गाड़ी चलाते समय एथेनॉल की मौजूदगी का अहसास नहीं होता और वे इसे पूरी तरह शुद्ध समझ लेते हैं।
इंजन को नुकसान और जेब पर दोहरी मार
भले ही हाई-स्पीड पेट्रोल से गाड़ी स्मूथ चलती हो, लेकिन लंबे समय में यह इंजन को उतना ही नुकसान पहुंचा सकता है जितना सामान्य पेट्रोल। एथेनॉल की प्रकृति नमी सोखने की होती है। अगर वाहन कुछ दिनों तक खड़ा रहे, तो टैंक के भीतर नमी जमा होने लगती है, जिससे फ्यूल पंप, इंजेक्टर्स और रबर के पुर्जों में जंग या खराबी आने का खतरा रहता है। ऐसे में चालकों पर प्रीमियम पेट्रोल की अधिक कीमत और इंजन के आंतरिक नुकसान की दोहरी मार पड़ रही है।
विशेषज्ञों और मैकेनिकों की सलाह
सीनियर मैकेनिकों का कहना है कि चाहे आप सामान्य पेट्रोल डलवाएं या हाई-स्पीड, नियमित रखरखाव का कोई विकल्प नहीं है। एथेनॉल के दुष्प्रभावों से बचने के लिए:
समय पर इंजन ऑयल बदलवाएं।
फ्यूल फिल्टर की नियमित सफाई सुनिश्चित करें।
पुरानी गाड़ियों के फ्यूल टैंक की समय-समय पर जांच कराएं ताकि जमा नमी साफ की जा सके।
केवल महंगा तेल डलवाना समाधान नहीं है, वाहन की लंबी उम्र के लिए नियमित सर्विसिंग ही एकमात्र रास्ता है।
