उत्तराखंड

हरिद्वार कांवड़ मेला 2026: पुलिस ने जारी की सख्त एडवाइजरी; हथियारों, नशे और ऊंची कांवड़ों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

हरिद्वार कांवड़ मेला 2026: पुलिस ने जारी की सख्त एडवाइजरी; हथियारों, नशे और ऊंची कांवड़ों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

धर्मनगरी हरिद्वार में आगामी कांवड़ मेले की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। इस वर्ष 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए हरिद्वार पुलिस ने शिवभक्तों के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। नियमों का उल्लंघन करने वाले हुड़दंगियों और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​इस वर्ष कांवड़ मेला 30 जुलाई (कुछ प्रशासनिक संदर्भों में 31 जुलाई) से शुरू होकर 11 अगस्त को सावन माह की शिवरात्रि पर समाप्त होगा।

​🚨 कांवड़ की ऊंचाई और सुरक्षा को लेकर कड़े नियम

​हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर ने कांवड़ियों से अपील करते हुए सुरक्षा के मद्देनजर निम्नलिखित गाइडलाइंस जारी की हैं:

​कांवड़ की ऊंचाई: सामान्य कांवड़ की ऊंचाई 6 फीट और कांवड़ झांकी की ऊंचाई 10 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए। इससे ऊंची कांवड़ होने पर बिजली के तारों से टकराकर करंट लगने का गंभीर खतरा रहता है, साथ ही पैदल चलने वाले अन्य शिवभक्तों को भी परेशानी होती है।

​हथियारों और जुगाड़ पर रोक: यात्रा में जुगाड़ वाहन, रेट्रो साइलेंसर (पटाखा छोड़ने वाले बुलेट साइलेंसर), त्रिशूल, भाला, तलवार, बेसबॉल का डंडा या किसी भी अन्य प्रकार के हथियार लाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

​नशा मुक्ति: शराब या किसी भी प्रकार के नशे की हालत में यात्रा करने वालों के खिलाफ पुलिस तुरंत एक्शन लेगी।

​आईडी कार्ड अनिवार्य: सभी कांवड़ियों को यात्रा के दौरान अपने साथ एक वैध पहचान पत्र (ID Proof) अनिवार्य रूप से रखना होगा।

​🚄 ट्रेनों की छतों पर सफर करने वालों पर होगी कार्रवाई

​एसएसपी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ट्रेन से आने वाले श्रद्धालु चलती ट्रेन की छतों या अन्य असुरक्षित स्थानों पर बैठकर यात्रा न करें। ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के आपसी विवाद, मारपीट या तनाव से बचने और पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

​📈 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान, ₹21 करोड़ के बजट की मांग

​पिछले वर्ष हरिद्वार में करीब 4 करोड़ कांवड़िए गंगाजल लेने पहुंचे थे। इस बार यह आंकड़ा 4 करोड़ को पार करने का अनुमान है, जिसे देखते हुए यह मेला पुलिस और जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

​मेले की भव्य तैयारियां:

​मेले की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन द्वारा ₹21 करोड़ के बजट की मांग की गई है।

​भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए उत्तराखंड पुलिस पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों की पुलिस के साथ लगातार समन्वय (Coordination) बना रही है।

​प्रशासन का संदेश:

​”हरिद्वार पुलिस और जिला प्रशासन कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी श्रद्धालु नियमों का पालन करें ताकि उनकी यात्रा मंगलमय और सकुशल पूरी हो सके।”

— नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी, हरिद्वार

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