उत्तराखंड

उत्तराखंड में 10 जुलाई तक भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’: 43 सड़कें बंद, आपदा प्रबंधन विभाग ने जारी की चेतावनी

उत्तराखंड में 10 जुलाई तक भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’: 43 सड़कें बंद, आपदा प्रबंधन विभाग ने जारी की चेतावनी

​देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की दस्तक के साथ ही आफत की बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने प्रदेश में आगामी 10 जुलाई 2026 तक लगातार भारी बारिश की संभावना जताते हुए सभी जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। राज्य के कई हिस्सों में 70\text{ एमएम (mm)} से अधिक मूसलाधार बारिश होने की आशंका है, जिसे देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने और सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।

​कुछ ही घंटों में 70\text{ एमएम} बारिश की आशंका, बढ़ सकती है परेशानी

​आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन के मुताबिक, मौसम विभाग के पूर्वानुमान में राज्य के कुछ इलाकों में 70\text{ एमएम} से ज्यादा बारिश की बात कही गई है। हालांकि, यह बारिश कुछ दिनों में टुकड़ों में होगी या कुछ ही घंटों में बरस जाएगी, इसका सटीक समय बताना मुश्किल है।

​कम समय में भारी बारिश होने से इन दिक्कतों का खतरा बढ़ जाता है:

​कमजोर ढांचे और रास्ते: कुछ ही घंटों के भीतर इतनी भारी बारिश होने से सड़कें टूटने और कमजोर मकानों/स्ट्रक्चर के गिरने का खतरा रहता है।

​भूस्खलन (Landslide): संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर चट्टानें खिसकने और भारी मलबा आने की आशंका बढ़ जाती है।

​जलभराव और बाढ़: अचानक पानी बढ़ने से बरसाती नालों और नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर आ सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

​मलबे के कारण प्रदेशभर में 43 सड़कें पूरी तरह ठप

​लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण पहाड़ों में संपर्क मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र देहरादून द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश की 43 मुख्य सड़कें बाधित हैं। इनमें लोक निर्माण विभाग (PWD) की 12 सड़कें और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की 31 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं, जिन्हें खोलने के लिए जेसीबी और डंपर मशीनों को काम पर लगाया गया है।

​इन जिलों में रहेगा भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर

​मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राज्य के इन प्रमुख जिलों में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश देखने को मिल सकती है:

​कुमाऊं मंडल: बागेश्वर और नैनीताल।

​गढ़वाल मंडल: चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी और देहरादून।

​मैदानी क्षेत्र: हरिद्वार के कुछ हिस्सों में भी भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है।

​इसके अलावा राज्य के बाकी बचे जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश का सिलसिला अगले 10 दिनों तक लगातार जारी रहेगा।

​पर्यटकों और यात्रियों से खास अपील: बारिश के दौरान सफर से बचें

​आपदा प्रबंधन सचिव की एडवाइजरी:

शासन ने उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से विशेष अपील की है कि वे पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा शुरू करने से पहले मौसम का अपडेट जरूर लें। बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर सफर करने से बचें, क्योंकि इस समय अचानक पत्थर गिरने (Shooting Stones) और मलबे की चपेट में आने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है।

​चारधाम यात्रा को लेकर स्थिति: फिलहाल मानसून और बारिश को देखते हुए चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोई अलग से पाबंदी या नई एडवाइजरी जारी नहीं की गई है, लेकिन यात्रियों को पूरी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

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