केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने मसूरी में IAS प्रशिक्षुओं के साथ चलाई साइकिल, दिया ‘फिट इंडिया’ और पर्यावरण का संदेश
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने मसूरी में IAS प्रशिक्षुओं के साथ चलाई साइकिल, दिया ‘फिट इंडिया’ और पर्यावरण का संदेश
मसूरी: केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने सोमवार (6 जुलाई 2026) सुबह उत्तराखंड के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में वर्ष 2024 बैच के प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों के साथ एक विशेष साइकिल रैली निकाली। इस रैली का मुख्य उद्देश्य देश के भावी प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों को फिटनेस, स्वस्थ जीवनशैली तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।
अकादमी परिसर से शुरू हुई यह साइकिल यात्रा अकादमी रोड, हालोक मार्ग और प्रसिद्ध कंपनी गार्डन होते हुए वापस अकादमी रोड पर आकर संपन्न हुई। इस दौरान मार्ग में मौजूद स्थानीय निवासियों और पर्यटकों ने केंद्रीय मंत्री तथा युवा अधिकारियों का तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया।
”स्वस्थ शरीर ही प्रभावी नेतृत्व की सबसे बड़ी ताकत”— डॉ. मंडाविया
डॉ. मनसुख मंडाविया खुद पूरे रास्ते युवा अधिकारियों के साथ साइकिल चलाते नजर आए। यात्रा के समापन पर उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं:
प्रशासनिक क्षमता के लिए फिटनेस जरूरी: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सिविल सेवा के ये प्रशिक्षु अधिकारी भविष्य में देश के विभिन्न जिलों और विभागों में महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालेंगे। जनता की सेवा बेहतर निर्णय क्षमता, पूरी ऊर्जा और संवेदनशीलता के साथ करने के लिए उनका शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना बेहद आवश्यक है।
बीमारियों से बचाव: उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर ही प्रभावी नेतृत्व की नींव है। यदि देश का हर नागरिक अपनी दैनिक दिनचर्या में साइकिलिंग, नियमित व्यायाम या पैदल चलने जैसी आदतों को शामिल कर ले, तो भारत को अनेक बीमारियों से बचाया जा सकता है और ‘स्वस्थ भारत’ का सपना साकार होगा।
युवाओं से स्क्रीन टाइम कम करने की अपील: डॉ. मंडाविया ने आज के युवाओं को नसीहत देते हुए कहा कि वे मोबाइल और स्क्रीन पर घंटों समय बर्बाद करने के बजाय प्रतिदिन कुछ समय खेल, योग, दौड़ या साइकिलिंग जैसी मैदानी गतिविधियों को दें।
सेहत के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश
साइकिल यात्रा के दौरान स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण को बचाने का भी संदेश प्रसारित किया गया। केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि साइकिल न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि यह कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण को कम करने में भी सबसे बड़ी भूमिका निभाती है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि रोजमर्रा के कामों और छोटी दूरी तय करने के लिए वाहनों के बजाय अधिक से अधिक साइकिल का उपयोग करें।
क्या है मसूरी स्थित IAS अकादमी का इतिहास?
साइकिल रैली के इस आयोजन के बीच देश की इस सर्वोच्च प्रशिक्षण संस्था के गौरवमयी इतिहास को भी याद किया गया:
स्थापना: मसूरी स्थित इस प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना वर्ष 1959 में ‘राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी’ के रूप में हुई थी।
नामकरण: बाद में भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के सम्मान और उनकी सादगी को याद रखने के लिए इसका नाम बदलकर ‘लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी’ (LBSNAA) कर दिया गया।
चार्लेविल एस्टेट: यह अकादमी ब्रिटिश काल की ऐतिहासिक ‘चार्लेविल एस्टेट’ में स्थित है। इसे भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था की आधारशिला माना जाता है, जहां हर साल संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में चयनित होने वाले आईएएस (IAS) अधिकारियों सहित विभिन्न अखिल भारतीय एवं केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों को कड़ा प्रशिक्षण दिया जाता है।
