आस्था का नया केंद्र बना तृतीय केदार तुंगनाथ धाम; गर्जिया देवी मंदिर के कपाट भी 5 जुलाई से खुलने की उम्मीद
आस्था का नया केंद्र बना तृतीय केदार तुंगनाथ धाम; गर्जिया देवी मंदिर के कपाट भी 5 जुलाई से खुलने की उम्मीद
रुद्रप्रयाग/रामनगर: हिमालय की मनोरम वादियों में समुद्र तल से लगभग 3,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम इस वर्ष श्रद्धालुओं की आस्था का एक नया केंद्र बनकर उभरा है. 21 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद से चल रहे इस यात्रा सत्र में अब तक रिकॉर्ड 1,18,381 श्रद्धालु बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर चुके हैं. यह संख्या न केवल पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक है, बल्कि उत्तराखंड के इस धाम के प्रति देश-विदेश के भक्तों के बढ़ते आकर्षण को भी दर्शाती है.
तुंगनाथ धाम: अब तक पहुंचे 1.18 लाख से अधिक श्रद्धालु
चोपता से तुंगनाथ तक का पैदल मार्ग इन दिनों शिवभक्तों से गुलजार है. सुहावने मौसम और बर्फ से ढकी चोटियों के बीच हो रही यह यात्रा स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी संजीवनी साबित हो रही है. चोपता, बणियाकुंड और दुगलबिट्टा जैसे क्षेत्रों में होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट और घोड़ा-खच्चर व्यवसाय में भारी तेजी आई है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है.
दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आधिकारिक आंकड़ा:
धाम के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, अब तक दर्शन करने वाले कुल 1,18,381 श्रद्धालुओं का वर्गीकरण इस प्रकार है:
पुरुष: 60,962
महिलाएं: 50,815
बच्चे: 6,384
साधु-संत: 151
विदेशी पर्यटक: 69
(नोट: इस आंकड़े में चोपता से सीधे चंद्रशिला ट्रैक पर जाने वाले पर्यटकों को शामिल नहीं किया गया है.)
शिक्षाविदों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में पार्किंग, पेयजल, शौचालय और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का योजनाबद्ध विकास किया जाए, तो तुंगनाथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बन सकता है.
गर्जिया देवी मंदिर: श्रद्धालुओं के लिए 5 जुलाई से खुल सकते हैं कपाट
रामनगर स्थित विश्व प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर के दर्शन का इंतजार कर रहे लाखों श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है. मंदिर के मुख्य टीले को सुरक्षित करने के लिए चल रहे निर्माण कार्यों के कारण इस मंदिर को 30 जून 2026 तक आम जनता के लिए बंद रखा गया था. लेकिन अब मानसून और लगातार हो रही बारिश के कारण सिंचाई विभाग ने इस सुरक्षा कार्य को फिलहाल रोक दिया है.
सिंचाई विभाग ने उपजिलाधिकारी को लिखा पत्र
सिंचाई विभाग (रामनगर) के अधिशासी अभियंता अजय कुमार जॉन ने बताया कि बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियों के कारण निर्माण कार्य को आगे बढ़ाना संभव नहीं है. इसलिए विभाग ने उपजिलाधिकारी (SDM) रामनगर गोपाल सिंह चौहान को पत्र भेजकर संस्तुति की है कि यदि प्रशासन आवश्यक समझे, तो 5 जुलाई 2026 से गर्जिया देवी मंदिर को दोबारा श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोला जा सकता है. हालांकि, इस पर अंतिम मुहर स्थानीय प्रशासन द्वारा लगाई जानी बाकी है.
₹12 करोड़ की लागत से टीले को मिल रही नई जिंदगी
गौरतलब है कि साल 2010 में आई भीषण बाढ़ के बाद से ही गर्जिया मंदिर के मुख्य टीले में दरारें आनी शुरू हो गई थीं, जिससे पूरी संरचना को खतरा पैदा हो गया था. टीले को सुरक्षित करने के लिए ₹12 करोड़ की लागत से सुरक्षात्मक कार्य कराया जा रहा है.
मई 2024 में इस परियोजना के पहले चरण का कार्य पूरा हुआ था.
दूसरे चरण के तहत मंदिर को 10 मार्च से 30 अप्रैल और फिर अवधि बढ़ाकर 30 जून तक बंद रखने के निर्देश दिए गए थे.
चूंकि कार्य अभी हाई फ्लड लेवल (HFL) तक नहीं पहुंच पाया है और मानसून शुरू हो चुका है, इसलिए अब इस काम को रोक दिया गया है. अब इस सुरक्षा कार्य को मानसून खत्म होने के बाद अक्टूबर में पुनः शुरू किया जाएगा. तब तक श्रद्धालु मां गर्जिया के दर्शन कर सकेंगे.
