जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन 11वें दिन भी जारी: अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक का ब्लड शुगर गिरकर 66 पहुंचा, समर्थकों की बढ़ी चिंता
जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन 11वें दिन भी जारी: अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक का ब्लड शुगर गिरकर 66 पहुंचा, समर्थकों की बढ़ी चिंता
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, पर्यावरण संरक्षण और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन मंगलवार को 11वें दिन में प्रवेश कर गया। इसी आंदोलन के तहत जाने-माने पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज तीसरा दिन है। लगातार उपवास के कारण उनकी सेहत बिगड़ने लगी है, जिससे उनके समर्थकों और डॉक्टरों की चिंता बढ़ गई है।
सोनम वांगचुक का ब्लड शुगर सामान्य से काफी नीचे
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि सोनम वांगचुक पिछले तीन दिनों से केवल पानी और नमक के सहारे अनशन पर बैठे हैं। डॉक्टरों की टीम नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य की जांच कर रही है। मंगलवार को हुई जांच में उनका ब्लड शुगर लेवल घटकर 66 mg/dL पहुंच गया है, जो सामान्य स्तर से काफी कम है। डॉक्टरों की टीम उनके ब्लड प्रेशर, नाड़ी (पल्स रेट) और अन्य स्वास्थ्य संकेतकों पर चौबीसों घंटे नजर रख रही है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि शुगर लेवल में और गिरावट आई तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
जंतर-मंतर पर डटे हैं छात्र, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता
तमाम पाबंदियों के बावजूद जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन को लगातार जनसमर्थन मिल रहा है। मंगलवार सुबह से ही देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता धरना स्थल पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। सीजेपी संगठन का कहना है कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए है।
क्या हैं आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें?
जंतर-मंतर पर जुटे प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं:
देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किया जाए।
परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त से सख्त कानून बने।
सरकारी भर्तियों में ईमानदारी, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार ठोस नीति बनाए।
’हम वायरस नहीं हैं’ – अभिजीत दीपके का भाजपा पर तीखा हमला
धरना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने भाजपा और केंद्र सरकार के नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता कोई “वायरस” नहीं हैं, बल्कि वे देश की शिक्षा व्यवस्था को दीमक की तरह चाट रहे भ्रष्टाचार को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भाजपा अध्यक्ष के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि न्याय और शिक्षा सुधार की मांग करने वाले देश के युवाओं को अपमानित करना पूरी तरह से लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक सरकार इन मांगों पर कोई ठोस और लिखित कदम नहीं उठाती, तब तक जंतर-मंतर पर यह आंदोलन और उपवास इसी तरह जारी रहेगा।
