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असम के धेमाजी में बाढ़ का कहर: रेलवे पुल क्षतिग्रस्त होने से रेल संपर्क टूटा, गृह मंत्री अमित शाह ने लिया स्थिति का जायजा

असम के धेमाजी में बाढ़ का कहर: रेलवे पुल क्षतिग्रस्त होने से रेल संपर्क टूटा, गृह मंत्री अमित शाह ने लिया स्थिति का जायजा

​गुवाहाटी (असम): असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण धेमाजी जिले में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। नदियां उफान पर हैं और पानी के तेज बहाव व मिट्टी के भारी कटाव के कारण एक प्रमुख रेलवे पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। इस हादसे की वजह से इलाके का रेल संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। संकट की इस घड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से फोन पर बातचीत कर हालात की समीक्षा की और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।

​केंद्रीय गृह मंत्री ने दिया हर मुमकिन मदद का भरोसा

​मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर बाढ़ और क्षतिग्रस्त रेलवे पुल की तस्वीरें साझा करते हुए गृह मंत्री के साथ हुई बातचीत की जानकारी दी।

​सीएम हिमंता ने अपनी पोस्ट में लिखा:

​”मैं माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी को फोन कॉल करने और धेमाजी में बाढ़ की स्थिति के बारे में पूछने के लिए धन्यवाद देता हूं। मैंने उन्हें राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत और पुनर्वास के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने हमें इस कठिन स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार की ओर से हर मुमकिन सहायता प्रदान करने का भरोसा भी दिया है।”

​मिट्टी के कटाव से धंसा रेलवे पुल, ट्रेनें थमीं

​पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ के पानी के कारण हुए भारी भू-कटाव की वजह से एक रेलवे पुल को गंभीर नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने आर्चीपाथर और सिमेन चापरी स्टेशनों के बीच रेल परिचालन को अगली सूचना तक के लिए स्थगित कर दिया है। इसके चलते कई इलाकों में रेल कनेक्टिविटी पूरी तरह खत्म हो चुकी है और रेलवे की तकनीकी टीमें पुल की मरम्मत के काम में जुटी हैं।

​प्रभावित इलाकों में कैंप करेंगे दो कैबिनेट मंत्री

​मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार धेमाजी जिले में बाढ़ प्रभावित लोगों को तुरंत राहत पहुंचाने और उनके दीर्घकालिक पुनर्वास (Long-term Rehabilitation) के लिए अपने सभी संसाधनों को जुटा रही है।

​लगातार मॉनिटरिंग: सीएम ने कहा, “धेमाजी में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने के बाद से मैं लगातार हालात पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखे हुए हूं। इस आपदा से लोगों के जीवन पर पड़े असर से हमें गहरा दुख है और सरकार प्रभावितों के साथ मजबूती से खड़ी है।”

​मंत्रियों को निर्देश: मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहेन और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशब महंत को तुरंत धेमाजी पहुंचने के निर्देश दिए हैं। ये दोनों मंत्री वहीं कैंप करेंगे और अपनी देखरेख में पूरे राहत व बचाव कार्य की निगरानी सुनिश्चित करेंगे।

​फिलहाल प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उन्हें राशन व चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।

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