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राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी: सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर, अदालत की निगरानी में फॉरेंसिक जांच की मांग

राम मंदिर चढ़ावा हेराफेरी: सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर, अदालत की निगरानी में फॉरेंसिक जांच की मांग

​नई दिल्ली: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे की हेराफेरी के आरोपों का मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल कर पूरे मामले की जांच अदालत की निगरानी में कराए जाने की मांग की गई है। यह याचिका वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी की ओर से दायर की गई है, जिसमें मंदिर को मिले चंदे और उसके रख-रखाव के वित्तीय ऑडिट की गुहार लगाई गई है।

​डिजिटल सबूत और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग

​याचिकाकर्ता वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी का कहना है कि डोनेशन से जुड़े सभी रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि जांच के दौरान यही दस्तावेज मुख्य सबूत का काम करेंगे। याचिका में मांग की गई है कि:

​राम मंदिर में आए चढ़ावे की पूरी डिटेल और संबंधित क्षेत्र की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को तुरंत सुरक्षित किया जाए।

​सभी भौतिक दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने का अदालती आदेश जारी हो, ताकि पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सके।

​मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सीधे कोर्ट को सौंपे।

​’स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट होना जरूरी’

​याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि भगवान के नाम पर मिलने वाला चंदा या चढ़ावा ट्रस्ट की संपत्ति है, इसलिए इसकी गिनती और प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता होनी चाहिए। याची ने एक स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट (Independent Forensic Audit) कराने की मांग की है, जिससे यह साफ हो सके कि ट्रस्ट को कुल कितना दान, कहां से और किस रूप में प्राप्त हुआ है और उसे कहां जमा किया गया।

​”राष्ट्रीय महत्व के स्थानों के लिए तय हों मानक”

​याचिका में कहा गया है कि राम मंदिर जैसे स्थान राष्ट्रीय महत्व रखते हैं। वर्तमान में चल रहे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि प्रबंधन में कुछ अनियमितताएं हुई हैं, जिन्हें सुधारने के लिए एक सही और पारदर्शी व्यवस्था की सख्त जरूरत है। इसके लिए भविष्य के लिए भी जरूरी मानक (Standards) तय किए जाने चाहिए।

​अब तक क्या हुई कार्रवाई: इस मामले में अब तक विशेष जांच दल (SIT) ने कार्रवाई करते हुए राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्यों से पूछताछ की है। इसके अलावा, राम मंदिर की व्यवस्था और प्रबंधन से जुड़े टिन्नू यादव सहित कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा चुकी है। एसआईटी की टीम फिलहाल ट्रस्ट के वित्तीय दस्तावेजों और डोनेशन से जुड़े बैंक खातों की जांच कर रही है।

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