राजनीति

महाराष्ट्र में नया सियासी धमाका: संजय राउत का दावा– “सांसदों को मिला 50 करोड़ का ऑफर, 15 करोड़ एडवांस दिए”

महाराष्ट्र में नया सियासी धमाका: संजय राउत का दावा– “सांसदों को मिला 50 करोड़ का ऑफर, 15 करोड़ एडवांस दिए”

​नई दिल्ली/मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के भीतर बगावत की खबरों के बीच एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड नेता और सांसद संजय राउत ने बड़ा आरोप लगाया है कि उनके सांसदों को पाला बदलने के लिए 50-50 करोड़ रुपये का ऑफर दिया जा रहा है, जिसमें से 15 करोड़ रुपये एडवांस के तौर पर दे भी दिए गए हैं। राउत ने दोटूक लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि जो सांसद पार्टी छोड़ना चाहते हैं, उन्हें जनता और कार्यकर्ता आसानी से नहीं छोड़ेंगे।

​प्राइवेट जेट से भेजा गया पैसा, तीन लोकेशंस पर था जाल

​संजय राउत ने पैसों के लेनदेन का गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि सांसदों को लाने और डील पक्की करने के लिए दिल्ली से प्राइवेट जेट भेजे गए थे। उन्होंने कहा, “पुणे और नांदेड़ समेत देश की तीन अलग-अलग लोकेशंस पर चार्टर्ड प्लेन भेजे गए थे। 15 करोड़ रुपये की एडवांस रकम लेकर इन्हीं विमानों के जरिए नांदेड़ और पुणे में सांसदों तक पैसा पहुंचाया गया।”

​’जिन्हें जाना है, वे इस्तीफा देकर जाएं, हम छोड़ेंगे नहीं’

​सांसदों को टिकट देने और जिताने में कार्यकर्ताओं की मेहनत का जिक्र करते हुए राउत ने कहा कि इन सांसदों को जिताने के लिए कार्यकर्ताओं ने अपना खून-पसीना बहाया है। पार्टी ने अपनी पूरी ताकत और औकात के मुताबिक उन्हें चुनाव लड़ने के लिए पैसा भी दिया था।

​राउत ने कहा, “ये सभी सांसद बालासाहेब ठाकरे के नाम और चेहरे पर चुनकर आए हैं। जिन सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में जाने की खबरें मीडिया में चल रही हैं, उन्हें खुद सामने आकर इसका खंडन करना चाहिए। अगर फिर भी कोई जाना चाहता है, तो वह पहले सांसद पद से इस्तीफा दे और फिर जाए। शिवसेना हमारी मां है, इसके साथ बेईमानी हम किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि दो सांसदों ने साईं बाबा, मां भवानी और अपनी मां की शपथ खाकर पार्टी के प्रति वफादार रहने की बात कही थी।

​प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसदों की मौजूदगी और गैरहाजिरी ने बढ़ाई धड़कनें

​संजय राउत ने दावा किया कि 14 तारीख को हुई बैठक में सभी सांसदों ने साथ रहने की बात कही थी और अभी भी सभी उनके साथ हैं। हालांकि, दिल्ली में हुई इस महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसदों की उपस्थिति और अनुपस्थिति ने नए सियासी कयासों को जन्म दे दिया है:

​प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे सांसद: अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे।

​प्रेस कॉन्फ्रेंस से गैरहाजिर रहे 6 सांसद: संजय जाधव, संजय देशमुख, ओमराजे निंबाळकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय दीना पाटील और नागेश आष्टीकर।

​दलबदल कानून के पेंच में फंसी बगावत, संख्या बल पर सस्पेंस

​इस बीच, सूत्रों के हवाले से खबर है कि शिवसेना यूबीटी में टूट को लेकर कानूनी पेंच अभी भी फंसा हुआ है। दलबदल विरोधी कानून (दसवीं अनुसूची) के तहत बिना सदस्यता गंवाए पार्टी तोड़ने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है। चूंकि लोकसभा में उद्धव गुट के कुल 9 सांसद हैं, इसलिए कानूनी रूप से अलग गुट बनाने के लिए कम से कम 6 सांसदों का एक साथ आना जरूरी है।

​सूत्रों का कहना है कि बगावत की तैयारी कर रहे गुट के पास अभी इस जरूरी संख्या बल (6 सांसद) के जुटने पर संशय बना हुआ है। कुछ सांसदों के साथ अभी भी मान-मनौव्वल और बातचीत का दौर जारी है। यही वजह है कि बागी रुख अपना रहे सांसदों का अभी तक लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) से मिलने का समय तय नहीं हो पाया है। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक 6 सांसदों का गायब रहना उद्धव खेमे के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *