अमित शाह और जेपी नड्डा से मिले कैप्टन अमरिंदर सिंह, कांग्रेस में वापसी की अटकलों पर लगा विराम
अमित शाह और जेपी नड्डा से मिले कैप्टन अमरिंदर सिंह, कांग्रेस में वापसी की अटकलों पर लगा विराम
नई दिल्ली: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। कैप्टन की ये मुलाकातें ऐसे समय में हुई हैं, जब सियासी गलियारों में उनके दोबारा कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें ज़ोरों पर थीं। हालांकि, इन मुलाकातों के बाद उनकी घर वापसी की चर्चाओं पर फिलहाल पूरी तरह विराम लग गया है।
कैप्टन अमरिंदर ने दोनों नेताओं के साथ हुई मुलाकातों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की हैं। हालांकि, बैठक में क्या बात हुई इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन कैप्टन ने अपनी पोस्ट में लिखा कि इस दौरान केवल पंजाब से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
कांग्रेस में जाने की अफवाहों को क्यों मिला था बल?
साल 2021 के पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे। हाल ही में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने एक बयान देकर इन अटकलों को हवा दी थी कि कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस के संपर्क में हैं और वापसी कर सकते हैं। लेकिन गृह मंत्री और बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से हुई इस मुलाकात के बाद यह लगभग साफ हो गया है कि कैप्टन फिलहाल बीजेपी में ही बने रहेंगे।
बीजेपी से नाराज़गी की ये थीं मुख्य वजहें
यह मुलाकात इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कैप्टन अमरिंदर कई मौकों पर बीजेपी के कामकाज और फैसलों को लेकर अपनी खुलकर नाराज़गी जता चुके हैं:
राय न लेने का आरोप: हाल ही में जब बीजेपी ने केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब का नया प्रदेश अध्यक्ष चुना था, तब कैप्टन ने कहा था कि इस बड़े फैसले में उनसे कोई राय-मशविरा नहीं किया गया। यही वजह थी कि ढिल्लों के पद संभालने के कार्यक्रम में तमाम बड़े नेताओं की मौजूदगी के बावजूद कैप्टन अमरिंदर वहां नहीं पहुंचे थे।
केंद्रीकृत व्यवस्था पर सवाल: कैप्टन अमरिंदर बीजेपी की निर्णय लेने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना रहा है कि पंजाब के मामलों में कांग्रेस लीडरशिप उनसे अक्सर सलाह लेती थी, जबकि बीजेपी में फैसले लेने की प्रक्रिया बहुत ज्यादा सेंट्रलाइज्ड (केंद्रीकृत) है।
गठबंधन को लेकर मतभेद: कैप्टन अमरिंदर लगातार बीजेपी शीर्ष नेतृत्व को सलाह दे रहे हैं कि आगामी 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी को अकाली दल के साथ गठबंधन कर लेना चाहिए। इसके उलट, बीजेपी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह 2027 का चुनाव किसी के साथ मिलकर नहीं, बल्कि अकेले ही लड़ेगी।
