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वीकेंड पर मसूरी-चकराता जाने वाले सावधान! भारी भीड़ को देखते हुए देहरादून पुलिस ने लागू किया ‘3-लेयर ट्रैफिक प्लान’

वीकेंड पर मसूरी-चकराता जाने वाले सावधान! भारी भीड़ को देखते हुए देहरादून पुलिस ने लागू किया ‘3-लेयर ट्रैफिक प्लान’

​देहरादून: गर्मियों की छुट्टियों, बढ़ते तापमान और चारधाम यात्रा के चलते उत्तराखंड के ठंडे पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। पिछले कुछ सप्ताहांतों (वीकेंड) में देहरादून शहर से 45,000 से अधिक वाहनों के गुजरने के बाद अब पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। देहरादून पुलिस ने मसूरी और चकराता की ओर जाने वाले वाहनों की बढ़ती आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए एक विशेष और त्रिस्तरीय (3-लेयर) यातायात योजना लागू की है।

​ऋषिकेश-तपोवन क्षेत्र में राफ्टिंग गतिविधियों और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के कारण बेहतर हुई कनेक्टिविटी ने भी बाहरी वाहनों की संख्या को काफी बढ़ा दिया है। यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए पूरे मार्ग को 4 सुपर जोन, 10 जोन और 19 सेक्टरों में बांटा गया है।

​जानिए क्या है पुलिस का ‘3-लेयर ट्रैफिक डायवर्जन प्लान’

​यातायात के दबाव को देखते हुए पुलिस ने तीन अलग-अलग प्लान तैयार किए हैं:

​प्लान ए (सामान्य स्थिति): इसके तहत वाहन देहरादून, पुरकुल और कुठाल गेट से होते हुए मसूरी के सामान्य मार्ग से आ-जा सकेंगे।

​प्लान बी (दबाव बढ़ने पर): यदि मुख्य मार्ग पर जाम लगता है, तो वाहनों को किमाड़ी-हाथीपांव मार्ग की तरफ डायवर्ट (मोड़ा) किया जाएगा। पर्यटकों को अपने वाहन ‘किंग क्रेग पार्किंग’ में खड़े करने होंगे और आगे की यात्रा स्थानीय टैक्सियों से करनी होगी।

​प्लान सी (पार्किंग फुल होने पर): यदि पार्किंग क्षेत्र पूरी तरह भर जाता है, तो वाहनों को हाथीपांव और जीरो प्वाइंट की ओर मोड़कर निर्धारित जगहों पर पार्क कराया जाएगा। यहाँ से भी पर्यटकों को मसूरी जाने के लिए स्थानीय परिवहन का ही उपयोग करना होगा।

​ड्रोन से निगरानी और 130 अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात

​इस विशेष योजना को जमीन पर उतारने के लिए रूट पर 130 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही दो ड्रोन टीमें भी काम पर लगाई गई हैं, जो देहरादून-मसूरी मार्ग पर रीयल-टाइम हवाई निगरानी (लाइव मॉनिटरिंग) करेंगी ताकि जाम की स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

​आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं के लिए नियम

​बड़े वाहन: यातायात का अत्यधिक दबाव होने पर बड़े वाहनों को नेपाली फार्म से देहरादून की ओर डायवर्ट किया जाएगा। इन्हें ऋषिकेश में रात की ‘नो एंट्री’ हटने के बाद ही प्रवेश मिलेगा।

​आपातकालीन सेवाएं: एंबुलेंस, पुलिस और दमकल (फायर ब्रिगेड) जैसी इमरजेंसी गाड़ियों को इस डायवर्जन व्यवस्था से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।

​आवश्यक वस्तुएं: पेट्रोल, दूध, गैस और अन्य जरूरी सामान लाने-ले जाने वाले वाहनों को बिना रोके वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा।

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