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“पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं”: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, जल्द हो सकता है भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

“पीएम मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं”: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, जल्द हो सकता है भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

​वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने मजबूत व्यक्तिगत संबंधों की दुहाई देते हुए भारत के साथ एक बड़े व्यापार समझौते (Trade Agreement) के जल्द पूरे होने के संकेत दिए हैं। व्हाइट हाउस में कोयला और ऊर्जा नीति पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि भारत की शुल्क (टैरिफ) व्यवस्था की लंबे समय से आलोचना करने के बावजूद, दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।

​हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री (सेक्रेटरी ऑफ स्टेट) मार्को रुबियो के भारत दौरे के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते के करीब पहुंचने संबंधी खबरों पर जब राष्ट्रपति ट्रंप से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हां, हम यह समझौता कर रहे हैं।”

​”मुझे आपके प्रधानमंत्री बहुत पसंद हैं, हमारी अच्छी बनती है”

​प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा:

​”हम भारत के साथ यह समझौता जरूर कर लेंगे, क्योंकि मुझे आपके प्रधानमंत्री बहुत पसंद हैं। वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। हमारी आपस में बहुत अच्छी पटती है और हम एक बेहतरीन समझौता करेंगे। हमारे द्विपक्षीय संबंध इस वक्त बहुत मजबूत हैं।”

​हार्ले-डेविडसन का जिक्र कर ट्रंप ने फिर दोहराई टैरिफ की शिकायत

​इस आत्मीयता के बीच ट्रंप ने अपनी पुरानी व्यावसायिक शिकायत को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत ऐतिहासिक रूप से अमेरिकी उत्पादों पर काफी अधिक आयात शुल्क (Import Duty) लगाता रहा है, जिससे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान होता था।

​ट्रंप ने इसका उदाहरण देते हुए एक बार फिर प्रसिद्ध अमेरिकी मोटरसाइकिल कंपनी हार्ले-डेविडसन (Harley-Davidson) का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “भारत ने कई वर्षों तक व्यापार के मामले में अमेरिका का फायदा उठाया। वे हमारे उत्पादों पर हमसे बहुत ज्यादा टैरिफ वसूलते थे और खुद लगभग कुछ नहीं देते थे। पहले भारत हार्ले-डेविडसन की मोटरसाइकिलों पर 200% तक टैरिफ लगा देता था। इस भारी शुल्क के कारण कंपनी के लिए भारतीय बाजार में सीधे व्यापार करना मुश्किल हो गया। आखिरकार, हार्ले-डेविडसन को भारत में अपने ही प्लांट लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा।”

​”पहले की तुलना में अब स्थिति उलट है”

​ट्रंप ने पिछली सरकारों की व्यापारिक व्यवस्थाओं और अपनी मौजूदा नीति में बड़ा अंतर बताते हुए कहा, “पहले वे हमारे उत्पादों पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाते थे और हम उनसे कुछ नहीं लेते थे। लेकिन अब स्थिति बिल्कुल उलट है और हम भारत के साथ व्यापार से अच्छी कमाई कर रहे हैं।”

​विवाद सुलझने और आसान बाजार पहुंच की उम्मीद

​अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब वॉशिंगटन और नई दिल्ली के राजनयिक हलकों में इस बात की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं कि दोनों देशों के वार्ताकार एक ऐसे मिनी या व्यापक व्यापार समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं, जिससे दोनों देशों के बाजारों तक पहुंच आसान होगी। इस समझौते से कई कृषि उत्पादों, तकनीकी उपकरणों और औद्योगिक सामानों पर टैरिफ से जुड़े विवादों के पूरी तरह खत्म होने की संभावना है।

​वर्तमान में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी (India-US Strategic Partnership) में व्यापार सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक बन चुका है। दोनों देश रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और महत्वपूर्ण सप्लाई चेन जैसे रणनीतिक क्षेत्रों के साथ-साथ आर्थिक संबंधों को भी एक नए स्तर पर ले जाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।

​व्यक्तिगत केमिस्ट्री और पुराना इतिहास

​ट्रंप के इस बयान ने एक बार फिर दोनों नेताओं के बीच की उस प्रसिद्ध ‘केमिस्ट्री’ को ताजा कर दिया है, जिसका नजारा पूरी दुनिया ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान देख चुकी है। उस दौरान दोनों नेताओं ने दो बेहद बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में मंच साझा किया था—पहला अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित “हाउडी मोदी” (Howdy Modi) कार्यक्रम और दूसरा भारत के अहमदाबाद में हुआ ऐतिहासिक “नमस्ते ट्रंप” (Namaste Trump) कार्यक्रम। ट्रंप की इस ताजा घोषणा से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भारत और अमेरिका के आर्थिक रिश्तों को एक नई रफ्तार मिलेगी।

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