राजनीति

जम्मू-कश्मीर में ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’? उमर अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस में टूट की अटकलें, बीजेपी और पीडीपी का दावा

जम्मू-कश्मीर में ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’? उमर अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस में टूट की अटकलें, बीजेपी और पीडीपी का दावा

​श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक गलियारों में इस वक्त एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपनी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायकों, मंत्रियों और सांसदों के साथ दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान (Dachigam National Park) के एक ‘नो-नेटवर्क ज़ोन’ वाले इलाके में एक ‘ऑफसाइट ट्रिप’ पर गए हैं। इसे लेकर विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) और महबूबा मुफ्ती की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) ने गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष का दावा है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर बड़ी बगावत और टूट का खतरा मंडरा रहा है, जिससे बचने के लिए मुख्यमंत्री को यह कदम उठाना पड़ा है।

​विपक्ष का दावा: ‘नरम रुख’ से नाराज हैं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता

​बीजेपी और पीडीपी ने दावा किया है कि इस ट्रिप का असली मकसद कोई सामान्य समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर बढ़ रहे असंतोष को दबाना है। विपक्ष के आरोपों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

​पार्टी में बगावत का डर: विपक्ष के अनुसार, नेशनल कॉन्फ्रेंस के कई विधायक, मंत्री और सांसद सरकार की कार्यशैली से नाराज हैं। इसी बगावत और टूट के खतरे को देखते हुए उमर अब्दुल्ला सभी नेताओं को दाचीगाम के ऐसे इलाके में ले गए हैं जहां मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता, ताकि वे किसी बाहरी संपर्क में न आ सकें।

​राज्य के दर्जे पर नरम रुख: विपक्षी दलों का आरोप है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं को यह लगने लगा है कि उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा (Statehood) दिलवाने और राजनीतिक अधिकारों की बहाली की मांग को लेकर केंद्र सरकार के सामने बेहद ‘नरम रुख’ अपना रहे हैं। इस मुद्दे पर हो रही देरी के कारण पार्टी के भीतर असंतोष चरम पर है।

​उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा? (पार्टी का पक्ष)

​इन तमाम अटकलों और आरोपों के बीच मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस ट्रिप की कुछ तस्वीरें साझा की हैं। इन तस्वीरों में मुख्यमंत्री अपने सांसदों और विधायकों के साथ काफी खुश और हल्के-फुल्के माहौल में नजर आ रहे हैं।

​उमर अब्दुल्ला का सोशल मीडिया पोस्ट:

“हम एक ऑफसाइट ट्रिप पर जा रहे हैं, जहां हम पिछले 19 महीनों के हर उस काम का जायजा लेंगे, जो बहुत अच्छा नहीं रहा है, और हर एक चीज का विश्लेषण करेंगे।”

​मुख्यमंत्री के इस बयान के मुताबिक, यह ट्रिप पिछले 19 महीनों के कामकाज की समीक्षा (Review Meeting) करने और भविष्य की रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से बुलाई गई एक रणनीतिक बैठक (Internal Strategy Meeting) है।

​फिलहाल, जहां नेशनल कॉन्फ्रेंस इसे एक सामान्य कामकाजी और समीक्षा ट्रिप बता रही है, वहीं विपक्ष इसे जम्मू-कश्मीर में ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ की शुरुआत मान रहा है। आने वाले दिनों में ही साफ हो पाएगा कि दाचीगाम के इस नो-नेटवर्क ज़ोन से नेशनल कॉन्फ्रेंस क्या नई रणनीति लेकर बाहर आती है।

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