थाईलैंड में ‘बदतमीज’ पर्यटकों पर कड़ा एक्शन: सरकार ने घटाया वीजा-मुक्त रहने का समय, अब 60 की जगह मिलेंगे सिर्फ 30 दिन
थाईलैंड में ‘बदतमीज’ पर्यटकों पर कड़ा एक्शन: सरकार ने घटाया वीजा-मुक्त रहने का समय, अब 60 की जगह मिलेंगे सिर्फ 30 दिन
अपनी बेमिसाल मेहमाननवाजी और ‘लैंड ऑफ स्माइल्स’ (Land of Smiles) के रूप में दुनिया भर में मशहूर थाईलैंड अब कानून तोड़ने वाले और अभद्र व्यवहार करने वाले विदेशी सैलानियों से परेशान हो चुका है। बैंकॉक की शोर-शराबे वाली गलियों से लेकर पटाया के खूबसूरत समुद्री किनारों तक, स्थानीय लोगों का सब्र अब जवाब देने लगा है। इसी के मद्देनजर थाईलैंड सरकार ने पर्यटकों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है।
सरकार ने अपने वीजा नियमों को कड़ा करने का फैसला किया है। अब थाईलैंड को सिर्फ एक सस्ता ‘पार्टी डेस्टिनेशन’ समझने वाले पर्यटकों के लिए राह आसान नहीं होगी। बैंकॉक की मशहूर ‘खाओसान रोड’ (Khaosan Road) को बैकपैकर्स का गढ़ माना जाता है, जहाँ गांजे के धुएं की महक आम बात हो चुकी थी, लेकिन अब वहाँ का माहौल बदलने वाला है। सरकार ने 90 से अधिक देशों के लिए वीजा-मुक्त (Visa-Free) रहने की अवधि को 60 दिनों से घटाकर सीधे 30 दिन करने का फैसला किया है। यह कदम उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो लंबे समय तक रुककर यहाँ के नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।
पर्यटकों की बदतमीजी ने बढ़ाया स्थानीय लोगों का गुस्सा
द गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, थाईलैंड के नागरिकों में विदेशी पर्यटकों के प्रति गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। सोशल मीडिया पर आए दिन ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें विदेशी सैलानी रेस्तरां में बिल देने से मना कर रहे हैं, सड़कों पर सरेआम मारपीट कर रहे हैं या सार्वजनिक वाहनों में अश्लील हरकतें करते पकड़े जा रहे हैं। हाल ही में एक पर्यटक द्वारा स्थानीय वेंडर (फेरीवाले) के साथ की गई बदसलूकी के वीडियो ने इस गुस्से को और भड़का दिया।
’थाई संस्कृति और मर्यादा से समझौता नहीं’
इस पूरे मामले पर थाईलैंड के गृह मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि किसी भी विदेशी नागरिक को यहाँ के स्थानीय लोगों को परेशान करने या थाई संस्कृति और नैतिकता के खिलाफ जाने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। सरकार का कहना है कि जो विदेशी खुद को रसूखदार समझकर अवैध गतिविधियों में शामिल होंगे, उनके खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अर्थव्यवस्था बनाम मर्यादा का संतुलन: थाईलैंड सरकार के लिए यह फैसला बेहद चुनौतीपूर्ण है क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा सीधे तौर पर पर्यटन (Tourism) से आता है। लग्जरी होटलों से लेकर छोटे टैक्सी ड्राइवरों और रेस्तरां मालिकों तक, लाखों लोगों की रोजी-रोटी पूरी तरह विदेशी पर्यटकों पर टिकी है। इसके बावजूद, सरकार ने अब देश की आंतरिक सुरक्षा, संस्कृति और मर्यादा को आर्थिक लाभ से ऊपर रखने का कड़ा फैसला किया है।
