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दक्षिणी लेबनान में इजरायल की बड़ी ‘रणनीतिक जीत’; 26 साल बाद ब्यूफोर्ट किले पर फिर फहराया अपना झंडा

दक्षिणी लेबनान में इजरायल की बड़ी ‘रणनीतिक जीत’; 26 साल बाद ब्यूफोर्ट किले पर फिर फहराया अपना झंडा

​यरूशलम/बेरूत: इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच इजरायली सेना (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में एक बड़ी कामयाबी हासिल करने का दावा किया है। इजरायली रक्षा बलों ने नबातियेह शहर के पास स्थित ऐतिहासिक और सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ब्यूफोर्ट किले (Beaufort Castle) पर दोबारा कब्जा कर लिया है। वहां इजरायल और उसकी घातक गोलानी ब्रिगेड का झंडा फहरा दिया गया है।

​इजरायली ब्रॉडकास्ट कॉर्प (KAN) ने रविवार (31 मई 2026) सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किले की एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें इजरायली झंडा लहराता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इस सैन्य कार्रवाई को एक ‘रणनीतिक जीत’ करार दिया है।

​लितानी नदी के उत्तर में ऑपरेशन का विस्तार

​आईडीएफ (IDF) के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर किले में मौजूद अपने सैनिकों की तस्वीरें जारी की हैं। प्रवक्ता ने बताया कि गोलानी ब्रिगेड के नेतृत्व में इजरायली सेना ने लितानी नदी के पार अपने सैन्य ऑपरेशन का विस्तार किया है। लेबनान के भीतर घुसकर ब्यूफोर्ट रिज को नियंत्रण में लेने के बाद, अब इजरायली सेना लितानी नदी के उत्तर में मौजूद हिजबुल्लाह के ठिकानों पर लगातार भीषण हमले कर रही है।

​44 साल पुराना इतिहास और अपनों को श्रद्धांजलि

​ब्यूफोर्ट किले पर कब्जे के बाद इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज अपनी खुशी नहीं छिपा सके। उन्होंने एक्स पर एक बेहद भावुक और कड़ा संदेश जारी किया।

​”ब्यूफोर्ट की वीरतापूर्ण लड़ाई के 44 वर्ष बाद, और ‘गैलीली के लिए शांति’ (First Lebanon War) युद्ध में शहीद हुए हमारे जांबाज सैनिकों के स्मरण दिवस पर—जिसमें ब्यूफोर्ट की लड़ाई में शहीद हुए गोलानी ब्रिगेड के वीर भी शामिल थे—इजरायली रक्षा बल के सैनिक एक बार फिर ब्यूफोर्ट की चोटी पर लौटे हैं। वहां इजरायल और गोलानी ब्रिगेड का झंडा एक बार फिर पूरी शान से फहरा रहा है।”

​— इजरायल काट्ज, रक्षा मंत्री (इजरायल)

​काट्ज ने साफ किया कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सख्त निर्देशों और रक्षा मंत्रालय के मार्गदर्शन में ही सेना ने लेबनान में जमीनी अभियान का दायरा बढ़ाया, लितानी नदी को पार किया और इस अभेद्य माने जाने वाले किले को अपने कब्जे में लिया।

​क्या है ब्यूफोर्ट किले का इतिहास?

​ब्यूफोर्ट किला लेबनान के पहाड़ी क्षेत्र में स्थित एक मध्यकालीन किला है, जो रणनीतिक रूप से पूरे इलाके पर नजर रखने के लिए बेहद अहम माना जाता है।

​1982 का कब्जा: इजरायली सेना ने सबसे पहले साल 1982 में लेबनान युद्ध के दौरान इस पर कब्जा किया था। उस खूनी लड़ाई में गोलानी ब्रिगेड के 6 इजरायली सैनिक मारे गए थे।

​18 साल का नियंत्रण: साल 1982 से लेकर 2000 तक (लगभग 18 वर्षों तक) दक्षिणी लेबनान पर इजरायल के कब्जे के दौरान यह किला पूरी तरह इजरायली सेना के नियंत्रण में रहा था।

​2000 में वापसी: साल 2000 में अंतरराष्ट्रीय दबाव और रणनीतिक बदलावों के बाद इजरायल ने अपने सैनिकों को इस किले और दक्षिणी लेबनान से वापस बुला लिया था, जिसके बाद इस पर हिजबुल्लाह का प्रभाव हो गया था। अब 26 साल बाद इजरायल ने इस पर दोबारा अपना परचम लहराया है।

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