Saturday, June 13, 2026
अन्तर्राष्ट्रीय

‘आराश-ए-कमानगीर’: ईरान का वो नया हथियार, जिसने अमेरिका के 300 करोड़ के ड्रोन को मार गिराया; जानिए इसकी खासियत

‘आराश-ए-कमानगीर’: ईरान का वो नया हथियार, जिसने अमेरिका के 300 करोड़ के ड्रोन को मार गिराया; जानिए इसकी खासियत

​मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सैन्य तकनीक की दुनिया से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सुरक्षा मामलों से जुड़ी डिफेंस रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के एक नए और गुप्त एयर डिफेंस वीपन (वायु रक्षा हथियार) ने अमेरिकी नौसेना के सबसे महंगे और एडवांस्ड सर्विलांस ड्रोन्स में से एक, MQ-4C ट्राइटन (Triton) को मार गिराया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस अमेरिकी ड्रोन की कीमत लगभग 300 करोड़ रुपये ($36 Million से अधिक) आंकी जाती है।

​ईरान ने इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए अपनी नई मिसाइल प्रणाली ‘आराश-ए-कमानगीर’ (Arash-e-Kamangir) का इस्तेमाल किया है। आइए जानते हैं कि इस नए हथियार में ऐसा क्या खास है जिसने अमेरिकी तकनीक को पछाड़ दिया।

​नाम के पीछे का इतिहास: ‘तीरंदाज आराश’

​ईरानी संस्कृति और फारसी पौराणिक कथाओं (Persian Mythology) में ‘आराश-ए-कमानगीर’ एक बेहद सम्मानित और वीर तीरंदाज का नाम है। कहानियों के अनुसार, आराश ने ईरान की सीमाओं को तय करने के लिए अपनी पूरी जान लगाकर एक ऐसा तीर चलाया था जो सैकड़ों मील दूर जाकर गिरा था। ईरान ने अपने इस नए लंबी दूरी के हथियार का नाम इसी नायक के नाम पर रखा है।

​’आराश-ए-कमानगीर’ की मुख्य खासियतें

​डिफेंस एक्सपर्ट्स और सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, यह हथियार ईरान की वायु रक्षा क्षमता (Air Defense) को एक नए स्तर पर ले गया है:

​एंटी-ड्रोन और एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल: यह मुख्य रूप से एक लंबी दूरी की गाइडेड मिसाइल प्रणाली है, जिसे विशेष रूप से दुश्मन के स्टील्थ (रडार से बचने वाले) विमानों, लड़ाकू विमानों और ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन्स को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।

​हाई-एल्टीट्यूड रीच (अत्यधिक ऊंचाई तक मार): अमेरिकी MQ-4C ट्राइटन ड्रोन 50,000 से 60,000 फीट की ऊंचाई पर उड़कर जासूसी करने के लिए जाना जाता है। ‘आराश-ए-कमानगीर’ ने इतनी ऊंचाई पर उड़ रहे ड्रोन को अचूक सटीकता से निशाना बनाकर यह साबित कर दिया है कि इसकी रेंज और मारक क्षमता बेहद खतरनाक है।

​स्वदेशी एडवांस्ड सीकर तकनीक: इस मिसाइल में आधुनिक रडार और थर्मल सीकर (गर्मी को खोजने वाली तकनीक) का इस्तेमाल किया गया है, जो दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक जैमर्स (सिग्नल ब्लॉक करने वाले सिस्टम) को चकमा देकर सीधे टारगेट को तबाह कर देती है।

​अमेरिका के लिए क्यों है यह बड़ा झटका?

​MQ-4C ट्राइटन कोई साधारण ड्रोन नहीं है। यह अमेरिकी सेना की ‘आंख और कान’ माना जाता है, जो समंदर के ऊपर लगातार 30 घंटे तक उड़ान भरकर रियल-टाइम खुफिया जानकारी और तस्वीरें जुटा सकता है।

​इस ड्रोन का इस तरह मार गिराया जाना अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) के लिए एक बड़ा तकनीकी और रणनीतिक झटका है, क्योंकि यह साफ करता है कि ईरान के पास अब ऐसे अत्याधुनिक रडार और मिसाइल सिस्टम मौजूद हैं जो अमेरिका के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले टोही विमानों को भी ट्रैक और नष्ट कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *