Friday, May 29, 2026
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बंगाल में भ्रष्टाचार के आरोपी टीएमसी नेता की कमर में रस्सी बांधकर घुमाया; पंचायत दफ्तर से 8 फाइलें जब्त, भीड़ ने लगाए ‘चोर-चोर’ के नारे

बंगाल में भ्रष्टाचार के आरोपी टीएमसी नेता की कमर में रस्सी बांधकर घुमाया; पंचायत दफ्तर से 8 फाइलें जब्त, भीड़ ने लगाए ‘चोर-चोर’ के नारे

​अलीपुरदुआर: पश्चिम बंगाल के उत्तर बंगाल क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और राजनीतिक सरगर्मी बढ़ाने वाला मामला सामने आया है। अलीपुरदुआर जिले में भ्रष्टाचार और सरकारी धन के गबन के आरोप में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता मानस राय को पुलिस ने कमर में रस्सी बांधकर और हाथों में हथकड़ी लगाकर सरेआम इलाके में घुमाया।

​इस दौरान आरोपी नेता को देखने के लिए स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी टीएमसी नेता को देखते ही ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद राज्य के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक नई बहस छिड़ गई है।

​क्या है पूरा मामला और भ्रष्टाचार का आरोप?

​यह पूरा मामला अलीपुरदुआर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले माझेर डाबरी ग्राम पंचायत क्षेत्र का है।

​सरकारी धन की हेराफेरी: टीएमसी नेता मानस राय पर आरोप है कि उन्होंने ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के लिए आवंटित सरकारी फंड में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और पैसों की हेराफेरी की।

​गिरफ्तारी और रिमांड: इस शिकायत के आधार पर बीते बुधवार (27 मई) को शामुकतला थाना पुलिस ने मानस राय को उनके घर से गिरफ्तार किया था। अगले दिन गुरुवार को आरोपी को अलीपुरदुआर जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें 9 दिनों की पुलिस हिरासत (Police Custody) में भेज दिया।

​कमर में रस्सी बांधकर पंचायत दफ्तर पहुंची पुलिस

​शुक्रवार (29 मई 2026) की दोपहर पुलिस विभाग के अधिकारी जांच और सबूत जुटाने के सिलसिले में आरोपी मानस राय को लेकर 31 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित हल्दीबाड़ी चौपथी इलाके से गुजरे।

​सुरक्षा और कड़ा रुख: पुलिस ने सुरक्षा कारणों और कड़ा संदेश देने के लिए आरोपी के हाथों में हथकड़ी लगाई थी और उसकी कमर में मोटी रस्सी बांध रखी थी। इसी हालत में उसे पैदल पंचायत कार्यालय तक ले जाया गया।

​8 महत्वपूर्ण फाइलें जब्त: ग्राम पंचायत कार्यालय पहुंचकर पुलिस ने पंचायत कर्मचारियों की मौजूदगी में गहन तलाशी ली और भ्रष्टाचार से जुड़ी आठ महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज जब्त कर लिए। पुलिस का मानना है कि इन कागजातों की जांच से सरकारी धन के दुरुपयोग के कई बड़े राज खुलेंगे।

​पत्नी थीं प्रधान, पति चलाता था ‘सुपर सीएम’ की तरह सरकार

​स्थानीय निवासियों और जांच अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे भ्रष्टाचार का ताना-बाना पारिवारिक और राजनीतिक रसूख के इर्द-गिर्द बुना गया था:

​पत्नी का कार्यकाल: साल 2018 से 2023 के बीच माझेर डाबरी ग्राम पंचायत की आधिकारिक प्रधान मानस राय की पत्नी बुबन राय थीं।

​बैकसीट ड्राइविंग: ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि पत्नी के प्रधान रहने के दौरान पंचायत का सारा कामकाज और वित्तीय फैसले पर्दे के पीछे से मानस राय ही लेता और नियंत्रित करता था।

​राजनैतिक रसूख: उस दौरान मानस राय जिला युवा तृणमूल कांग्रेस के सह-सभापति पद पर तैनात था। आरोप है कि इसी ऊंचे राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करके उसने सरकारी योजनाओं के पैसों को अपनी जेब में डाला।

​जैसे ही पुलिस शुक्रवार को आरोपी को लेकर पंचायत दफ्तर पहुंची, वहां मौजूद सैकड़ों लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने नारेबाजी करते हुए मांग की कि जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाले ऐसे नेताओं के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद से पूरे अलीपुरदुआर जिले में राजनीतिक माहौल काफी गरमाया हुआ है।

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