मॉनसून अपडेट: इस साल सामान्य से कम बारिश, IMD ने पूर्वानुमान घटाकर 90% किया, जून में भीषण गर्मी और लू का अलर्ट
मॉनसून अपडेट: इस साल सामान्य से कम बारिश, IMD ने पूर्वानुमान घटाकर 90% किया, जून में भीषण गर्मी और लू का अलर्ट
नई दिल्ली, 29 मई 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2026 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के लिए अपना अपडेटेड पूर्वानुमान जारी कर दिया है। विभाग ने अब पूरे देश में जून से सितंबर के दौरान होने वाली बारिश को 90% (LPA का) बताया है, जो सामान्य से कम (Below Normal) श्रेणी में आता है। अप्रैल में जारी पहले अनुमान में यह 92% था, जिसे अब एल नीनो की मजबूत होती स्थिति के कारण घटा दिया गया है।
मुख्य बातें:
देशव्यापी बारिश: 90% ±4% (LPA का)। सामान्य बारिश 96-104% मानी जाती है।
क्षेत्रीय पूर्वानुमान:
उत्तर-पूर्व भारत में सामान्य बारिश।
उत्तर-पश्चिम, मध्य भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से कम बारिश की संभावना।
जून का मौसम: देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश। साथ ही कई राज्यों में ऊपर सामान्य हीटवेव (लू) की स्थिति बनी रहेगी।
हीटवेव का खतरा
IMD ने चेतावनी दी है कि जून 2026 विशेष रूप से गर्म रहने वाला है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में अधिक संख्या में लू के दिन दर्ज किए जा सकते हैं।
कारण
वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रशांत महासागर में एल नीनो की स्थिति मजबूत हो रही है, जो भारतीय मॉनसून को कमजोर करती है। IMD के डायरेक्टर जनरल डॉ. मृत्युंजय मोहापात्रा ने कहा कि इस स्थिति का असर मानसून की तीव्रता और वितरण दोनों पर पड़ सकता है।
प्रभाव
कृषि: देश की लगभग 50% खेती वर्षा पर निर्भर है। कम बारिश से खरीफ फसलों (धान, मक्का, सोयाबीन आदि) पर असर पड़ सकता है।
जल संकट: जलाशयों में पानी की कमी बढ़ सकती है और पेयजल तथा सिंचाई के लिए चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
अर्थव्यवस्था: कृषि और ऊर्जा क्षेत्र (जल विद्युत) प्रभावित होने की आशंका।
सलाह
IMD और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से जल संरक्षण, फसल चयन में बदलाव और सूखा-प्रतिरोधी बीजों के इस्तेमाल की अपील की है। आम लोगों को भी गर्मी से बचाव के उपाय करने और पानी का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की सलाह दी गई है।
IMD नियमित रूप से अपडेट जारी करेगा। मॉनसून की शुरुआत केरल में जून की शुरुआत में होने की उम्मीद है, लेकिन कमजोर पूर्वानुमान के कारण सतर्कता बरतने की जरूरत है।
स्रोत: IMD आधिकारिक प्रेस रिलीज और आज जारी अपडेटेड लॉन्ग रेंज फोरकास्ट।
