राजनीति

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भाजपा का तीखा हमला: सुधांशु त्रिवेदी बोले– ‘राजनीतिक, संवैधानिक और नैतिक’ रूप से हारा विपक्ष

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भाजपा का तीखा हमला: सुधांशु त्रिवेदी बोले– ‘राजनीतिक, संवैधानिक और नैतिक’ रूप से हारा विपक्ष

​सुप्रीम कोर्ट द्वारा भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) के फैसले को बरकरार रखने के बाद देश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इसे लोकतंत्र की संस्थाओं पर विपक्ष द्वारा किए जा रहे हमलों की बड़ी नाकामी करार दिया।

​भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस सहित पूरे ‘इंडी गठबंधन’ को आड़े हाथों लेते हुए इस फैसले को विपक्ष की ‘निर्णायक पराजय’ बताया। उनके वक्तव्य के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

​’PCM’ के रूप में सारांशित हुई विपक्ष की हार

​सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और विशेष रूप से राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद विपक्ष की स्थिति को ‘पीसीएम’ (PCM) के रूप में समझा जा सकता है:

​P (Political): राजनीतिक हार

​C (Constitutional): संवैधानिक हार

​M (Moral): नैतिक हार

​उन्होंने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों में राजनीतिक रूप से करारी शिकस्त झेलने के बाद विपक्ष ने अनर्गल बयानों और अफवाहों का सहारा लिया। जब जनता से उन्हें समर्थन नहीं मिला, तो उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया, जहां आज उन्हें कोर्ट से भी मुंह की खानी पड़ी है।

​”संस्थाओं पर लांछन लगाने का खेल हुआ निष्फल”

​प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा प्रवक्ता ने विपक्ष के रवैये पर तीखा प्रहार करते हुए कहा:

​”अपनी अकर्मण्यता और राजनीतिक अक्षमता को छिपाने के लिए लोकतंत्र की सभी संस्थाओं पर आरोप-प्रत्यारोप, लांछन और अपमान का जो खेल खेला जा रहा था, वह आज सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से पूरी तरह निष्फल साबित हो गया है।”

​उन्होंने आगे जोड़ा कि सुप्रीम कोर्ट ने न केवल एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को संविधान सम्मत और चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र के भीतर माना है, बल्कि इसे पारदर्शी व निष्पक्ष चुनाव के लिए अत्यंत आवश्यक भी बताया है। त्रिवेदी के अनुसार, इस फैसले ने विपक्ष के ‘घुसपैठियों के संरक्षक’ वाले वास्तविक चरित्र को उजागर कर दिया है।

​विपक्ष के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों पर उठाए गंभीर सवाल

​त्रिवेदी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों की विचारधारा तथा कार्यप्रणाली को लेकर कुछ बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए। उन्होंने विपक्ष के कथित जुड़ाव को रेखांकित करते हुए कहा:

​अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट): विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस का अनुबंध चीन के साथ है।

​सोच का केंद्र: उनकी सोच और वैचारिक प्रेरणा का केंद्र इंग्लैंड और यूरोप में है।

​दुष्प्रचार का केंद्र: देश के खिलाफ फैलाए जाने वाले दुष्प्रचार का केंद्र अमेरिकी संस्थाएं हैं।

​वोटों का प्रवाह: उनके वोटों का मुख्य आधार और प्रवाह बांग्लादेशी घुसपैठियों से जुड़ा हुआ है।

​भाजपा ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता को मजबूत करने वाला है, जबकि उन ताकतों के लिए करारा तमाचा है जो लगातार देश की शीर्ष संस्थाओं पर सवाल खड़े करती आई हैं।

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