राहुल गांधी के बाद अमेठी पहुंचीं स्मृति ईरानी: कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण और शोक संवेदना से सियासी हलचल तेज
राहुल गांधी के बाद अमेठी पहुंचीं स्मृति ईरानी: कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण और शोक संवेदना से सियासी हलचल तेज
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के हालिया अमेठी दौरे के ठीक बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्मृति ईरानी के अचानक पहुंचे दौरे ने जिले की सियासत को एक बार फिर गरमा दिया है। बुधवार को अमेठी सीमा पर कदम रखते ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्मृति ईरानी का फूल-मालाओं और गगनभेदी नारों के साथ जोरदार स्वागत किया। उनके इस दौरे को अमेठी में भाजपा संगठन के भीतर नई ऊर्जा फूंकने और बूथ स्तर को फिर से सक्रिय करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
मुसाफिरखाना में कार्यकर्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम
स्मृति ईरानी ने मुसाफिरखाना में आयोजित भाजपा कार्यकर्ताओं के एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं को संबोधित करते हुए संगठन की मजबूती पर जोर दिया।
बूथ स्तर पर सक्रियता: उन्होंने आह्वान किया कि सभी कार्यकर्ता आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए बूथ स्तर तक अपनी पकड़ को और मजबूत करें।
योजनाओं का प्रचार: स्मृति ईरानी ने कार्यकर्ताओं से लगातार जनता के बीच बने रहने और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को हर एक आम आदमी तक पहुंचाने की बात कही।
वरिष्ठ भाजपा नेता के घर पहुंचकर दी शोक संवेदना
अपने सांगठनिक कार्यक्रमों के अलावा स्मृति ईरानी सिंहपुर ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पूरे ठकुराइन (मजरे मत्तेपुर) भी पहुंचीं। वहां उन्होंने वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश तिवारी के भाई बृजेश तिवारी के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और कुछ समय परिजनों के साथ बिताया।
अमेठी में ‘राहुल बनाम स्मृति’ की जमीन फिर तैयार?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमेठी में दोनों ही धुरंधरों की बैक-टू-बैक सक्रियता बेहद मायने रखती है। कुछ समय पहले ही राहुल गांधी ने अमेठी का दौरा कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरा था, और अब स्मृति ईरानी की यह जमीन पर तत्काल मौजूदगी दर्शाती है कि भाजपा इस गढ़ को किसी भी कीमत पर अपनी नजरों से ओझल नहीं होने देना चाहती। दोनों प्रमुख दलों की इस बढ़ती हलचल से आने वाले दिनों में अमेठी की राजनीतिक सरगर्मियां और तेज होना तय है।
