ट्विशा शर्मा मौत मामला: विदाई के वक्त सास ने मांगे थे 2 लाख रुपये, सीबीआई की एफआईआर में बड़ा खुलासा
ट्विशा शर्मा मौत मामला: विदाई के वक्त सास ने मांगे थे 2 लाख रुपये, सीबीआई की एफआईआर में बड़ा खुलासा
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा रहस्यमयी मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एफआईआर (FIR) से एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के अनुसार, पिछले साल दिसंबर में हुई शादी के बाद विदाई के ठीक समय ट्विशा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने पीड़ित परिवार से 2 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की थी, जिसे लड़की वालों ने उनकी जिद के आगे झुककर दे दिया था।
उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के आदेश और चौतरफा जन-आक्रोश के बाद सीबीआई ने भोपाल पुलिस से इस केस को पूरी तरह अपने हाथ में ले लिया है। केंद्रीय एजेंसी की एक विशेष टीम भोपाल पहुंचकर इस कथित दहेज हत्या मामले की कड़ाई से तफ्तीश में जुट गई है।
बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज
सीबीआई ने 25 मई 2026 को औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज की है। एजेंसी ने नए आपराधिक कानून ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) और दहेज निषेध अधिनियम के तहत निम्नलिखित धाराओं में केस दर्ज किया है:
BNS की धाराएं: 80(2) [दहेज हत्या], 85 [क्रूरता/उत्पीड़न] और 3(5) [साझा संप्रभुता/साजिश]।
दहेज निषेध अधिनियम: धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज।
एफआईआर के मुताबिक, 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की शादी 9 दिसंबर 2025 को पेशे से वकील समर्थ सिंह के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के पहले दिन से ही ट्विशा को उसके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह द्वारा लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
फंदे से लटकी मिली थी लाश, शरीर पर मिले चोट के निशान
ट्विशा शर्मा भोपाल स्थित अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी पाई गई थी। जहां एक तरफ सिंह परिवार (ससुराल पक्ष) इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा कर रहा है कि ट्विशा नशे की लत से जूझ रही थी, वहीं ट्विशा के मायके वालों का आरोप है कि यह सीधे तौर पर दहेज उत्पीड़न और हत्या का मामला है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट: शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ‘एंटीमॉर्टम हैंगिंग’ (यानी जीवित रहते हुए फांसी पर लटकना) की पुष्टि हुई है। हालांकि, ट्विशा के शरीर पर कुछ गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं, जो किसी भारी वस्तु या हमले के कारण लगे प्रतीत होते हैं।
दूसरा पोस्टमॉर्टम: पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कमियों और गड़बड़ी की आशंका जताते हुए परिवार ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट के आदेश पर पिछले हफ्ते एम्स (AIIMS) दिल्ली के डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम से ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया गया है।
फरार आरोपी पति गिरफ्तार, आज कस्टडी ले सकती है सीबीआई
ट्विशा की मौत के बाद से ही उसका आरोपी पति समर्थ सिंह पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। आखिरकार, 10 दिनों तक कानून से भागने के बाद पिछले हफ्ते उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जन-आक्रोश और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने यह जांच सीबीआई को सौंप दी थी। बताया जा रहा है कि आगे की कड़ी पूछताछ के लिए सीबीआई आज समर्थ सिंह को अपनी कस्टडी (हिरासत) में ले सकती है।
सुप्रीम कोर्ट की मीडिया को संयम बरतने की सलाह
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने भी इस हाई-प्रोफाइल मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ (Bench) ने दोनों पक्षों के रवैये पर असंतोष जताया। अदालत ने टिप्पणी की कि दोनों ही परिवार ‘बेवजह’ मीडिया के पास जा रहे हैं। शीर्ष अदालत ने मीडिया घरानों से भी अपील की है कि वे इस संवेदनशील मामले की रिपोर्टिंग करते समय पूरी तरह संयम बरतें ताकि निष्पक्ष जांच प्रभावित न हो।
