अज्ञात हमलावरों का खौफ: पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान के जनाजे में भारी सुरक्षा के बीच पहुंचा अल-बदर चीफ
अज्ञात हमलावरों का खौफ: पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान के जनाजे में भारी सुरक्षा के बीच पहुंचा अल-बदर चीफ
श्रीनगर / इस्लामाबाद: भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों की लिस्ट में शामिल और नवंबर 2020 में पुलवामा के सीआरपीएफ (CRPF) कैंप पर हुए ग्रेनेड हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की हत्या के बाद आतंकी संगठनों में हड़कंप मच गया है। हाल ही में इस्लामाबाद में हुए उसके नमाज-ए-जनाजा (अंतिम संस्कार) के दौरान पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन अल-बदर (Al-Badr) के चीफ बख्त जमीन खान को देखा गया। हालांकि, इस दौरान अज्ञात हमलावरों का खौफ आतंकियों के चेहरों पर साफ तौर पर नजर आया।
1. भारी सुरक्षा और अत्याधुनिक हथियारों के साये में दिखा अल-बदर चीफ
टॉप मोस्ट आतंकी संगठन अल-बदर का चीफ बख्त जमीन खान, मारे गए कमांडर हमजा बुरहान के जनाजे में शामिल होने के लिए इस्लामाबाद पहुंचा था। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के इस ‘पालतू’ आतंकी संगठन के मुखिया के भीतर अज्ञात हमलावरों का डर इस कदर था कि वह अकेले कदम रखने की हिम्मत भी नहीं कर पा रहा था।
कड़ा सुरक्षा घेरा: जनाजे के दौरान बख्त जमीन खान के चारों तरफ AK-47 और अन्य अत्याधुनिक हथियारों से लैस आतंकियों का एक अभेद्य सुरक्षा घेरा तैनात था।
दहशत का माहौल: हाल के दिनों में पाकिस्तान और पीओके (PoK) में एक-एक कर मारे जा रहे टॉप आतंकियों के कारण अल-बदर के शीर्ष नेतृत्व में साफ तौर पर खौफ देखा जा रहा है।
2. कौन था हमजा बुरहान और क्या था उसका भारत कनेक्शन?
मारा गया आतंकी हमजा बुरहान अल-बदर संगठन का बेहद सक्रिय कमांडर था और लंबे समय से भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिशें रच रहा था।
पुलवामा हमला: नवंबर 2020 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप पर एक बड़ा ग्रेनेड हमला हुआ था। भारतीय खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, इस हमले का मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड हमजा बुरहान ही था।
पीओके में ली थी पनाह: भारत में वांछित (Most Wanted) होने के बाद वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की राजधानी मुज़फ़्फ़राबाद में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।
3. बीच सड़क पर बाइक सवारों ने गोलियों से भूना
पीओके की स्थानीय मीडिया और खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, हमजा बुरहान की हत्या बेहद पेशेवर अंदाज में की गई:
स्कूल के सामने हमला: मुज़फ़्फ़राबाद में एक स्कूल के ठीक सामने दो अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने हमजा की गाड़ी को रोका।
भागने का नहीं मिला मौका: खुद पर हमला होते देख हमजा ने जान बचाने के लिए अपनी गाड़ी का दरवाजा खोला और भागने की कोशिश की। लेकिन हमलावरों ने उसे संभलने का कोई मौका नहीं दिया और अंधाधुंध फायरिंग कर उसे गोलियों से छलनी कर दिया।
मौके पर ही मौत: ताबड़तोड़ गोलियां लगने के कारण हमजा बुरहान की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई, जिसके बाद हमलावर आसानी से फरार हो गए।
आतंकियों में क्यों है ‘अज्ञात हमलावरों’ का डर?
पिछले कुछ समय से पाकिस्तान, पीओके और अफगानिस्तान में छिपे बैठे भारत के दुश्मनों और आतंकी कमांडरों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। हिजबुल मुजाहिद्दीन, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और अब अल-बदर जैसे संगठनों के कई बड़े चेहरे इसी तरह ‘अज्ञात हमलावरों’ की गोलियों का शिकार बन चुके हैं। हमजा बुरहान की दिनदहाड़े हुई हत्या और उसके जनाजे पर पसरा सन्नाटा और सुरक्षा का तामझाम यह साफ बयां करता है कि अब आतंकियों को अपनी सुरक्षित पनाहगाहों में भी मौत का डर सताने लगा है।
