उत्तराखंड

देहरादून पैनेसिया अस्पताल अग्निकांड: प्रशासन का बड़ा एक्शन, रजिस्ट्रेशन निरस्त कर पूरे परिसर को सील करने के आदेश

देहरादून पैनेसिया अस्पताल अग्निकांड: प्रशासन का बड़ा एक्शन, रजिस्ट्रेशन निरस्त कर पूरे परिसर को सील करने के आदेश

​देहरादून: ​देहरादून के पैनेसिया अस्पताल में हुई हालिया आग की घटना के बाद अब जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कानूनी कदम उठाया है। मरीजों की सुरक्षा में बरती गई गंभीर लापरवाही को देखते हुए अस्पताल का रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निरस्त (कैंसल) कर दिया गया है। इसके साथ ही अस्पताल परिसर को पूरी तरह से सील करने के आदेश जारी किए गए हैं। जांच टीम ने इस संबंध में अस्पताल की दीवार पर आधिकारिक नोटिस भी चस्पा कर दिया है।

​एसी यूनिट में शॉर्ट सर्किट से भड़की थी आग, एक महिला मरीज की हुई थी मौत

​यह पूरी कार्रवाई बीती 20 मई को अस्पताल के आईसीयू (ICU) वार्ड में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद की गई है:

​हादसे की वजह: शुरुआती जांच के अनुसार, आईसीयू कक्ष में लगे एक एयर कंडीशनर (AC) यूनिट में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। देखते ही देखते आग ने पूरे आईसीयू को अपनी चपेट में ले लिया।

​मचा हड़कंप: आग लगने के बाद पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जहरीले और काले धुएं का गुबार तेजी से आईसीयू में फैल गया, जिससे वहां वेंटिलेटर और बेड पर भर्ती गंभीर मरीजों का दम घुटने लगा।

​एक मौत और कई घायल: इस दुखद हादसे में आईसीयू में भर्ती एक महिला मरीज की जान चली गई, जबकि कई अन्य मरीज और अस्पताल के कर्मचारी झुलसने व दम घुटने के कारण घायल हो गए।

​संयुक्त जांच में खुली पोल: ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी

​अग्निकांड के बाद देहरादून के जिलाधिकारी (DM) ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे। इसके साथ ही सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के माध्यम से भी अस्पताल की कई गंभीर शिकायतें प्रशासन तक पहुंच रही थीं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन (Fire) विभाग की एक संयुक्त विशेष जांच टीम गठित की गई।

​जांच टीम ने जब अस्पताल के आईसीयू, वायरिंग, बिजली व्यवस्था और इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास) का विस्तृत निरीक्षण किया, तो कई चौंकाने वाली कमियां सामने आईं:

​विद्युत ओवरलोडिंग: प्राथमिक जांच में पाया गया कि अस्पताल का बिजली कनेक्शन तय क्षमता से कहीं ज्यादा लोड पर चल रहा था (विद्युत लोड आवश्यकता से अधिक था)। इसी ओवरलोडिंग की वजह से एसी में शॉर्ट सर्किट हुआ।

​धुआं निकलने का रास्ता नहीं: आईसीयू जैसे अति-संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। आग लगते ही धुआं बाहर निकलने की कोई उचित वेंटिलेशन व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण रेस्क्यू ऑपरेशन (बचाव कार्य) में भारी दिक्कत आई।

​एक्ट का उल्लंघन: क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत अस्पतालों के लिए जो अनिवार्य सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन प्रबंधन और भवन सुरक्षा के कड़े नियम तय हैं, अस्पताल प्रबंधन उनका पालन करने में पूरी तरह नाकाम रहा।

​जांच पूरी होने तक चिकित्सा गतिविधियों पर पूर्ण रोक

​संयुक्त जांच टीम की इसी अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने पैनेसिया अस्पताल का लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन रद्द करने की दंडात्मक कार्रवाई की है।

​प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच पूरी नहीं हो जाती और अस्पताल प्रबंधन सभी अनिवार्य फायर व बिल्डिंग सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं कर लेता, तब तक अस्पताल परिसर पूरी तरह सील रहेगा। इस दौरान वहां किसी भी तरह की ओपीडी, आईपीडी या अन्य चिकित्सा गतिविधियां संचालित करने की सख्त मनाही होगी। हादसे के बाद से स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिजनों में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भारी रोष है और पुलिस प्रबंधन की भूमिका की भी जांच कर रही है।

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