जीनत अमान का छलका दर्द: मुश्किल शादीशुदा जिंदगी के बीच मां के सहारे की थी फिल्मों में वापसी, ‘गवाही’ को लेकर साझा की यादें
जीनत अमान का छलका दर्द: मुश्किल शादीशुदा जिंदगी के बीच मां के सहारे की थी फिल्मों में वापसी, ‘गवाही’ को लेकर साझा की यादें
मुंबई: हिंदी सिनेमा की दिग्गज और सदाबहार अभिनेत्री जीनत अमान (Zeenat Aman) इन दिनों सोशल मीडिया पर अपनी बेबाकी और दिल छू लेने वाले पोस्ट्स के लिए छाई रहती हैं। वह अक्सर अपने जीवन के अनसुने पहलुओं, फिल्मों और पुराने अनुभवों को फैंस के साथ साझा करती हैं। इसी कड़ी में बुधवार को उन्होंने अपनी 1989 में रिलीज हुई कोर्टरूम ड्रामा फिल्म ‘गवाही’ (Gawahi) से जुड़ा एक बेहद भावुक और निजी किस्सा साझा किया है। अभिनेत्री ने बताया कि कैसे एक दौर में वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थीं और उनकी मां ने उन्हें दोबारा खड़े होने का हौसला दिया।
जब बिखरने लगी थी शादीशुदा जिंदगी
जीनत अमान ने अपनी पोस्ट में उस दौर का जिक्र किया जब वह अपनी निजी जिंदगी में बेहद कठिन दौर से गुजर रही थीं। उन्होंने लिखा:
”यह फिल्म साल 1988 में शूट हुई थी। यह मेरे बड़े बेटे अजान के जन्म के दो साल बाद और छोटे बेटे जहान को कंसीव करने से ठीक पहले का समय था। एक समय मुझे लगता था कि शादी और परिवार मेरी जिंदगी को पूरी तरह खुशियों से भर देंगे। लेकिन धीरे-धीरे मेरी शादीशुदा जिंदगी में दरारें आने लगीं और हालात बदलने लगे। मैं बहुत परेशान हो चुकी थी और अपने छोटे बेटे अजान को साथ लेकर साउथ बॉम्बे में अपनी मां के घर रहने आ गई थी।”
खुद को दोबारा खोजने के लिए चुनी ‘गवाही’
अभिनेत्री ने बताया कि वह पहले अपने पेशेवर जीवन (Professional Life) से पूरी तरह दूर जाना चाहती थीं, लेकिन जब निजी जिंदगी में मुश्किलें बढ़ीं, तो उन्होंने दोबारा काम करने का फैसला किया। वह खुद को केवल एक बेटी, मां और पत्नी के रूप में नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र कलाकार के रूप में फिर से पहचानना चाहती थीं।
इसी दौरान निर्माता विवेक वासवानी और नए निर्देशक अनंत बलानी उनके पास ‘गवाही’ की कहानी लेकर आए। यह एक कम बजट की कोर्टरूम ड्रामा फिल्म थी, जो एक मशहूर नाटक पर आधारित थी। जीनत अमान को फिल्म की कहानी इतनी पसंद आई कि उन्होंने तुरंत इसके लिए हां कह दिया।
”अगर मां न होती, तो मैं वापसी नहीं कर पाती”
जीनत अमान ने अपने इस मुश्किल सफर में अपनी मां के योगदान को सबसे बड़ा बताया। उन्होंने भावुक होते हुए लिखा कि उस कठिन समय में उनकी मां ने न सिर्फ उन्हें मानसिक संबल दिया, बल्कि उनके छोटे बेटे अजान की पूरी जिम्मेदारी भी संभाली ताकि जीनत बिना किसी चिंता के फिल्म की शूटिंग कर सकें। अभिनेत्री ने साफ कहा कि अगर उस समय उनकी मां का साथ न होता, तो शायद वह कभी फिल्मों में दोबारा वापसी नहीं कर पातीं।
समय से आगे की फिल्म थी ‘गवाही’
फिल्म के बारे में बात करते हुए जीनत अमान ने बताया कि इसमें उन्होंने ‘जान्हवी कौल’ नाम की एक ऐसी महिला का चुनौतीपूर्ण किरदार निभाया था, जिस पर हत्या का आरोप होता है। फिल्म में वह एक बड़े कारोबारी की सेक्रेटरी बनी थीं, जिसे समाज ‘दूसरी औरत’ के नजरिए से देखता है।
इस फिल्म की पूरी शूटिंग मुंबई में हुई थी और इसमें शेखर कपूर व आशुतोष गोवारिकर जैसे दिग्गज कलाकार भी शामिल थे। जीनत ने लिखा:
”हाल ही में जब मैंने दोबारा यह फिल्म देखी, तो मुझे महसूस हुआ कि यह अपने समय से काफी आगे की फिल्म थी। इसमें रहस्य, रोमांच और भावनाओं का अनोखा मेल था। यह फिल्म मेरे जीवन के उस दौर का गवाह है, जब मैं खुद को फिर से संभालने की कोशिश कर रही थी।”
मुख्य बिंदु:
फिल्म: गवाही (शूटिंग: 1988, रिलीज: 1989)
किरदार: जान्हवी कौल (हत्या की आरोपी सेक्रेटरी)
सह-कलाकार: शेखर कपूर और आशुतोष गोवारिकर
टीम: निर्माता विवेक वासवानी, निर्देशक अनंत बलानी
