राष्ट्रीय

​NEET (UG) री-एग्जाम को लेकर केंद्र सरकार सख्त: धर्मेंद्र प्रधान ने की हाई-लेवल बैठक, 21 जून को होगी परीक्षा

मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (UG) में हुए पेपर लीक विवाद के बाद अब केंद्र सरकार एक्शन मोड में है। आगामी री-एग्जाम (पुनः परीक्षा) को पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

​NEET (UG) री-एग्जाम को लेकर केंद्र सरकार सख्त: धर्मेंद्र प्रधान ने की हाई-लेवल बैठक, 21 जून को होगी परीक्षा

​नई दिल्ली। नीट (UG) परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने आगामी री-एग्जाम को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में परीक्षा की सुरक्षा, गोपनीयता, पारदर्शिता और केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया। शिक्षा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस बार परीक्षा के आयोजन में किसी भी स्तर पर कोई चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​21 जून को दोबारा होगी परीक्षा, 22 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर

​गौरतलब है कि इससे पहले 3 मई को देश भर में आयोजित की गई NEET (UG) परीक्षा पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद विवादों में घिर गई थी। इस घटना से पूरे देश में हड़कंप मच गया था और करीब 22 लाख अभ्यर्थियों के भविष्य पर सवालिया निशान खड़े हो गए थे। चौतरफा दबाव और छात्रों के हित को देखते हुए सरकार ने पुरानी परीक्षा को रद्द करने का कड़ा फैसला लिया था। अब यह परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी, जिसे लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच तनाव और बेचैनी का माहौल है।

​उच्चस्तरीय बैठक के मुख्य निर्देश और रणनीतियाँ

​शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों और परीक्षा कराने वाली एजेंसियों के साथ संवाद करते हुए निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए:

​1. ‘फुलप्रूफ’ और पारदर्शी परीक्षा का लक्ष्य

​शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि पिछली परीक्षा के दौरान जो भी तकनीकी या प्रशासनिक खामियां सामने आई थीं, उन्हें पूरी तरह से दुरुस्त किया जाए। आगामी री-NEET परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, निष्पक्ष और ‘फुलप्रूफ’ तरीके से आयोजित किया जाना चाहिए ताकि देश के युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बहाल हो सके।

​2. अभूतपूर्व सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रशासनिक तालमेल

​DM और SP संभालेंगे कमान: परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी राज्यों के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ तत्काल समन्वय बैठकें करने के निर्देश दिए गए हैं।

​कड़ी निगरानी: स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल परीक्षा केंद्रों के आसपास और प्रश्नपत्रों के परिवहन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर चौबीसों घंटे कड़ी नजर रखेंगे।

​3. एग्जाम सेंटर्स पर नो-कॉम्प्रोमाइज पॉलिसी

​धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा केंद्रों (Exam Centers) पर सुरक्षा मानकों और डिजिटल निगरानी (सीसीटीवी आदि) से किसी भी तरह का समझौता न करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर हर मिनट सतर्कता बनाए रखना जरूरी है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या गड़बड़ी की गुंजाइश को शुरुआत में ही खत्म किया जा सके।

​4. परीक्षार्थियों के लिए विशेष सुविधाएं

​चूंकि परीक्षा जून के तपते महीने में होने जा रही है, इसलिए बैठक में छात्रों की सहूलियत का भी विशेष ध्यान रखा गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि:

​परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए परिवहन (Transport) के सुचारू इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।

​केंद्रों पर पीने के साफ पानी, छांव और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों, ताकि भीषण गर्मी में छात्रों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

​छात्रों का भरोसा बहाल करने की चुनौती

​केंद्र सरकार का पूरा ध्यान इस समय परीक्षा को बिना किसी बाधा या विवाद के संपन्न कराने पर है। कड़े सुरक्षा इंतजामों, सख्त निगरानी और प्रशासनिक मुस्तैदी के जरिए सरकार यह संदेश देना चाहती है कि मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा और री-एग्जाम पूरी तरह निष्पक्ष होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *