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ईबोला वायरस पर WHO का बड़ा अलर्ट: दुनिया भर में बढ़ी चिंता, PHEIC घोषित

ईबोला वायरस पर WHO का बड़ा अलर्ट: दुनिया भर में बढ़ी चिंता, PHEIC घोषित

जिनेवा, 19 मई 2026: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 17 मई 2026 को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में फैले ईबोला वायरस के प्रकोप को Public Health Emergency of International Concern (PHEIC) घोषित कर दिया। यह घोषणा दुनिया भर में चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि यह दुर्लभ Bundibugyo स्ट्रेन का प्रकोप है, जिसके लिए कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है।

WHO के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस एडhanom घेब्रेयेसस ने कहा कि स्थिति “असाधारण” है और प्रकोप का असली आकार रिपोर्टेड मामलों से कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है।

अब तक का अपडेट (19 मई 2026 तक)

DRC (Ituri Province): 8 लैब-कन्फर्म्ड केस, 246 संदिग्ध मामले, 80+ संदिग्ध मौतें (कुछ रिपोर्ट्स में 130+ मौतें)। मुख्य प्रभावित क्षेत्र — Mongbwalu, Bunia, Rwampara आदि।

युगांडा: कांगो से आए यात्रियों में 2 कन्फर्म्ड केस (1 मौत)। कैंपाला में रिपोर्ट हुए। अभी लोकल ट्रांसमिशन की पुष्टि नहीं।

कुल संदिग्ध मामले 500+ तक बताए जा रहे हैं।

फैटैलिटी रेट: Bundibugyo स्ट्रेन में आमतौर पर 30-50%।

स्वास्थ्यकर्मियों में भी संक्रमण (कम से कम 4 मौतें)।

WHO ने PHEIC क्यों घोषित किया?

तेजी से बढ़ते मामले और मौतें।

युगांडा में क्रॉस-बॉर्डर स्प्रेड।

प्रकोप का पता लगने से पहले कई हफ्ते/महीने तक अनडिटेक्टेड रहने की आशंका।

संघर्ष-प्रभावित क्षेत्र, विस्थापित आबादी और कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था।

Bundibugyo स्ट्रेन के लिए कोई तैयार वैक्सीन/दवा नहीं (Zaire स्ट्रेन वाली वैक्सीन यहां प्रभावी नहीं)।

नोट: WHO ने इसे Pandemic Emergency नहीं माना है। वैश्विक महामारी का जोखिम बहुत कम बताया गया है, लेकिन क्षेत्रीय फैलाव का खतरा “महत्वपूर्ण” है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

अमेरिका (CDC): 18 मई से प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों पर एन्हांस्ड स्क्रीनिंग, एंट्री रिस्ट्रिक्शन्स और पब्लिक हेल्थ मेजर्स लागू किए।

WHO और Africa CDC: इमरजेंसी फंडिंग, PPE, लैब सपोर्ट और एक्सपर्ट टीम भेजी जा रही है।

पड़ोसी देशों में अलर्ट और सर्विलांस बढ़ाया गया।

ईबोला क्या है?

यह एक गंभीर वायरल बुखार है जो संक्रमित व्यक्ति के बॉडी फ्लूइड्स (खून, उल्टी, मल आदि) से फैलता है। लक्षण: तेज बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, डायरिया और अंत में आंतरिक रक्तस्राव।

सावधानी: फिलहाल भारत या अन्य दूर के देशों में कोई खतरा नहीं बताया गया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले लोग सतर्क रहें।

स्थिति तेजी से बदल रही है। WHO और स्थानीय सरकारें कंटेनमेंट की कोशिशें तेज कर रही हैं। आगे की अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों (WHO, CDC) पर नजर रखें।

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