एलन मस्क को कोर्ट से बड़ा झटका, OpenAI के खिलाफ मुकदमा खारिज
एलन मस्क को कोर्ट से बड़ा झटका, OpenAI के खिलाफ मुकदमा खारिज
सैन फ्रांसिस्को/ओकलैंड, 19 मई 2026: टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क को अमेरिकी अदालत से बड़ा झटका लगा है। ओकलैंड की फेडरल कोर्ट में OpenAI और इसके सह-संस्थापक सैम ऑल्टमैन के खिलाफ दायर मुकदमे में मस्क पूरी तरह हार गए। जूरी ने मुकदमा दायर करने में देरी को आधार बनाते हुए उनके सभी दावों को खारिज कर दिया।
मस्क ने 2024 में OpenAI पर आरोप लगाया था कि कंपनी ने अपनी मूल नॉन-प्रॉफिट मिशन (मानवता की भलाई के लिए सुरक्षित AI विकसित करना) को तोड़ते हुए फॉर-प्रॉफिट कंपनी में बदल लिया और माइक्रोसॉफ्ट के साथ साझेदारी कर व्यावसायिक हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कंपनी को मूल समझौते का पालन करने और नेतृत्व को हटाने की मांग की थी।
जूरी का फैसला
कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में जूरी ने महज 90 मिनट की चर्चा के बाद सर्वसम्मति से फैसला सुनाया कि मस्क ने मुकदमा दायर करने में काफी देरी की है। जूरी के अनुसार, मस्क को 2021 में ही OpenAI की गतिविधियों के बारे में पता था, जबकि कैलिफोर्निया के कानून के तहत तीन साल की समय-सीमा (statute of limitations) लागू होती है। इसलिए उनके दावे समय-सीमा से बाहर थे।
जज यvonne Gonzalez Rogers ने जूरी के इस एडवाइजरी वर्डिक्ट को स्वीकार करते हुए मुकदमा पूरी तरह खारिज कर दिया।
दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया
OpenAI ने इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि अब कंपनी बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सकती है। सैम ऑल्टमैन ने इसे AI क्षेत्र में नवाचार और प्रतिस्पर्धा के लिए सकारात्मक बताया।
एलन मस्क ने फैसले पर निराशा जताते हुए इसे “कैलेंडर टेक्निकलिटी” करार दिया है। उनके वकील ने कहा कि यह “युद्ध का अंत नहीं है” और वे अपील करने की तैयारी में हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
मस्क OpenAI के सह-संस्थापकों में शामिल थे। उन्होंने 2018 में कंपनी छोड़ दी थी। बाद में उन्होंने xAI नाम से своя AI कंपनी शुरू की। दोनों कंपनियों के बीच लंबे समय से तीखी प्रतिस्पर्धा चल रही है।
यह मुकदमा AI उद्योग के सबसे बड़े टकरावों में से एक माना जा रहा था, जिसमें अरबों डॉलर के हित और भविष्य की तकनीक शामिल थी।
अभी क्या होगा?
मस्क की अपील की संभावना है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि statute of limitations पर आधारित फैसला पलटना मुश्किल होगा। इस फैसले से OpenAI को राहत मिली है और कंपनी अब अपने व्यावसायिक विस्तार पर पूरा ध्यान दे सकेगी।
यह घटना दिखाती है कि बड़े टेक दिग्गजों के बीच कानूनी लड़ाइयां कितनी जटिल और लंबी हो सकती हैं।
