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NTA के भीतर थी साठगांठ, कैसे 10 दिन पहले ही लीक हुआ NEET का पेपर!

नई दिल्ली, 18 मई 2026: NEET-UG 2026 परीक्षा में हुए बड़े पेपर लीक घोटाले में अब NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के अंदरूनी साठगांठ का मामला सामने आ रहा है। CBI जांच में पता चला है कि NTA की पेपर सेटिंग पैनल के एक्सपर्ट्स ने ही कथित तौर पर सवाल लीक किए, जिसकी वजह से परीक्षा से 10 दिन पहले ही प्रश्नपत्र वायरल हो गया।

NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को देशभर में आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 22.8 लाख छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। लेकिन परीक्षा के कुछ दिन बाद ही “गेस पेपर” के रूप में एक हैंडरिटन प्रश्न बैंक व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स पर फैल गया, जिसमें से 120 से ज्यादा सवाल असली पेपर से मैच कर गए।

लीक का तरीका और टाइमलाइन

अप्रैल के आखिरी हफ्ते में: NTA पैनल के केमिस्ट्री एक्सपर्ट पी.वी. कुलकर्णी (किंगपिन) और बॉटनी टीचर मनीषा मंधारे समेत अन्य insiders ने कथित तौर पर सवालों को बाहर भेजा। कुलकर्णी ने अपने पुणे आवास पर स्पेशल कोचिंग क्लासेस चलाईं, जहां सवालों को डिक्टेट किया गया।

23 अप्रैल: लातूर के एक कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर के फोन में 23 अप्रैल का लीक पेपर मिला — यानी परीक्षा से ठीक 10 दिन पहले।

1-2 मई: सिकर (राजस्थान) में PG होस्टल ओनर और छात्रों के बीच यह “गेस पेपर” तेजी से फैला। एक छात्र ने केरल से राजस्थान भेजा।

12 मई: NTA ने सबूतों के आधार पर पूरी परीक्षा रद्द कर दी। CBI को जांच सौंपी गई।

CBI ने अब तक कई गिरफ्तारियां की हैं, जिनमें NTA पैनल के एक्सपर्ट्स, कोचिंग संचालक, PG ओनर्स और मध्यस्थ शामिल हैं। जांच महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, बिहार और झारखंड तक फैली हुई है।

छात्रों और विपक्ष का गुस्सा

इस घोटाले के बाद देशभर में छात्रों के प्रदर्शन हुए। कई छात्रों ने आत्महत्या की खबरें भी आईं। विपक्षी पार्टियां NTA के भंग होने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही हैं। United Doctors Front ने सुप्रीम कोर्ट में NTA को भंग करने की याचिका दायर की है।

NTA और सरकार ने छात्रों को आश्वासन दिया है कि री-एग्जाम 21 जून 2026 को होगा, कोई नया रजिस्ट्रेशन नहीं चाहिए और भविष्य में CBT (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) मोड पर स्विच किया जाएगा।

यह मामला NTA की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल उठा रहा है। CBI की जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य दांव पर लगने से पूरे सिस्टम की खामियों पर बहस तेज हो गई है।

(यह रिपोर्ट उपलब्ध जांच रिपोर्ट्स, CBI बयानों और मीडिया सूत्रों पर आधारित है।)

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