पीएम मोदी को मिला नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस’, स्वीडन के बाद ओस्लो में हुआ भव्य स्वागत
पीएम मोदी को मिला नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस’, स्वीडन के बाद ओस्लो में हुआ भव्य स्वागत
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोमवार को नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ (Grand Cross of the Royal Norwegian Order of Merit) से सम्मानित किया गया। यह पीएम मोदी को मिला 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। गौरतलब है कि इससे ठीक एक दिन पहले उन्हें स्वीडन के सर्वोच्च सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ (कमांडर ग्रैंड क्रॉस) से भी नवाजा गया था।
सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे के साथ एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, हरित ऊर्जा (Green Energy) और कई वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसके बाद कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए।
”समझौते से पूरे विश्व को मिलेगा लाभ”— पीएम मोदी
द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने भारत और नॉर्वे के मजबूत होते रिश्तों पर जोर देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच जो नए समझौते हुए हैं, उनका सकारात्मक असर और लाभ पूरे विश्व को मिलने वाला है। इससे पहले ओस्लो हवाई अड्डे पर पहुंचने पर खुद नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया था।
प्रवासी भारतीयों के स्वागत से अभिभूत हुए प्रधानमंत्री
ओस्लो में भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी का बेहद भव्य और पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस कार्यक्रम में ‘रिदम्स ऑफ इंडिया’ (Rhythms of India) थीम पर आधारित भारतीय सांस्कृतिक विविधता की एक खूबसूरत झलक देखने को मिली। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट साझा कर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश:
“ओस्लो में भारतीय समुदाय द्वारा किए गए स्वागत कार्यक्रम में भारत की सांस्कृतिक विविधता की खूबसूरत झलक दिखी। सत्तरिया से भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी से ओडिसी, कथक से मोहिनीअट्टम तक, प्रत्येक नृत्य शैली में वर्षों की लगन, अनुशासन और उत्कृष्टता झलकती है। मुझे गर्व है कि हमारा प्रवासी भारतीय समुदाय भारत की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत और सशक्त बनाए हुए है।”
विदेशी कलाकारों ने गाई ‘ओम जय जगदीश’ की आरती
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान कई विशेष प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनकी प्रधानमंत्री ने खुलकर सराहना की:
नाट्यलय नृत्य विद्यालय: इस समूह की छोटी बच्चियों ने भरतनाट्यम से संबंधित ‘अलारिप्पू नृत्य’ की मनमोहक प्रस्तुति दी। पीएम मोदी ने बताया कि यह समूह लगभग तीन दशकों से नॉर्वे में भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को लोकप्रिय बना रहा है।
बैरेट ड्यू म्यूजिक इंस्टीट्यूट: भारतीय और विदेशी कलाकारों की एक संयुक्त मंडली ने “ओम जय जगदीश हरे…” की आरती गाकर समां बांध दिया। पीएम ने भारतीय और पश्चिमी शास्त्रीय परंपराओं के इस भावपूर्ण संगम (साथ-साथ) के लिए बैरेट ड्यू म्यूजिक इंस्टीट्यूट की टीम का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
