ईरान पर अमेरिका का कड़ा प्रहार: IRGC के फाइनेंशियल नेटवर्क की जानकारी देने पर ₹143 करोड़ का इनाम
ईरान पर अमेरिका का कड़ा प्रहार: IRGC के फाइनेंशियल नेटवर्क की जानकारी देने पर ₹143 करोड़ का इनाम
मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था और उसकी सैन्य शक्ति पर दबाव और कड़ा कर दिया है। ट्रंप प्रशासन ने ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ नीति के तहत ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की वित्तीय रीढ़ तोड़ने के लिए एक बड़े इनाम की घोषणा की है।
1. 1.5 करोड़ डॉलर के इनाम का ऐलान
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने IRGC के सीक्रेट फाइनेंशियल नेटवर्क और तेल कारोबार से जुड़ी सटीक जानकारी देने वालों के लिए 1.5 करोड़ डॉलर (लगभग 143 करोड़ भारतीय रुपये) तक के इनाम का प्रस्ताव रखा है।
उद्देश्य: अमेरिका उन लोगों को ढूंढ रहा है जो ईरान की शेल कंपनियों, वित्तीय लेन-देन के गुप्त सिस्टम और प्रतिबंधों से बचने की रणनीतियों का पर्दाफाश कर सकें।
दावा: अमेरिका का मानना है कि IRGC अवैध तेल व्यापार के जरिए धन जुटाकर क्षेत्र में अस्थिरता और आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है।
2. ‘इकोनॉमिक फ्यूरी’ और प्रतिबंधों का नया जाल
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगोट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन अपनी प्रतिबंध नीति के माध्यम से ईरान पर चौतरफा दबाव बना रहा है।
टारगेट पर सीनियर अफसर: अमेरिका ने IRGC के ‘शाहिद पुरजाफरी ऑयल हेडक्वार्टर’ से जुड़े 3 वरिष्ठ अधिकारियों को सीधे निशाने पर लिया है। ये अधिकारी तेल से जुड़े वित्तीय लेनदेन (Financial Transactions) को संचालित करने के आरोपी हैं।
कंपनियों पर शिकंजा: उन सभी विदेशी कंपनियों और व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगाए गए हैं जो ईरानी तेल को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने में मदद कर रहे हैं।
3. फंडिंग रोकने के पीछे की रणनीति
अमेरिका की इस कार्रवाई का मुख्य लक्ष्य ईरान के उन फंडिंग चैनल्स को बंद करना है जिनका उपयोग वह अपने प्रॉक्सी संगठनों (जैसे हिजबुल्लाह, हूतिया आदि) और सैन्य गतिविधियों के लिए करता है।
अमेरिकी बयान: “एक तरफ ईरान की आम जनता गंभीर आर्थिक संकट और महंगाई से जूझ रही है, वहीं दूसरी तरफ ईरानी सरकार अपने संसाधनों को मिलिशिया नेटवर्क और युद्धक गतिविधियों पर बर्बाद कर रही है।”
4. जानकारी के लिए मुख्य बिंदु
अमेरिका ने विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में जानकारी मांगी है:
तेल-के-बदले-पैसा: IRGC का वह नेटवर्क जो अवैध रूप से तेल बेचकर नकदी जुटाता है।
शेल कंपनियां: वे फर्जी कंपनियां जिनका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को चकमा देने के लिए किया जा रहा है।
मनी लॉन्ड्रिंग: IRGC के फंड को एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर करने वाले सीक्रेट चैनल।
इस कदम से स्पष्ट है कि अमेरिका ईरान को सैन्य के साथ-साथ आर्थिक मोर्चे पर भी पूरी तरह अलग-थलग करने की तैयारी में है।
