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पाकिस्तान में पेट्रोल 414 रुपये प्रति लीटर: जनता में त्राहि-त्राहि, आर्थिक संकट से निपटने के लिए सरकार खोले कई मोर्चे

पाकिस्तान में पेट्रोल 414 रुपये प्रति लीटर: जनता में त्राहि-त्राहि, आर्थिक संकट से निपटने के लिए सरकार खोले कई मोर्चे

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों ने रिकॉर्ड स्तर छू लिया है। 9 मई 2026 से पेट्रोल की नई कीमत 414.78 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि हाई स्पीड डीजल 414.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। इस तेज उछाल से आम नागरिकों में भारी गुस्सा और हताशा है, साथ ही महंगाई का नया दौर शुरू हो गया है।

क्यों पहुंची कीमत इतनी ऊंची?

अमेरिका-ईरान युद्ध और होर्मुज की खाड़ी पर तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।

पिछले तीन महीनों में पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत में करीब 64% की बढ़ोतरी हुई है।

सरकार ने पेट्रोलियम लेवी भी बढ़ाई है, जिससे घरेलू कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।

जनता और बाजार पर असर

ट्रांसपोर्ट, किराना, सब्जी-फल और दूध समेत रोजमर्रा की चीजों की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।

कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं। मोटरसाइकिल और कार मालिक खासे परेशान हैं।

विपक्षी पार्टियां (खासकर PTI) सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज कर रही हैं। एक PTI सांसद तो संसद में साइकिल पर पहुंचे और हाइक का विरोध किया।

सरकार ने खोले कई मोर्चे

आर्थिक तबाही से बचने के लिए शहबाज शरीफ सरकार सक्रिय हो गई है:

IMF और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से नए बेलआउट पैकेज की बातचीत तेज।

ईरान और सऊदी अरब से सस्ता तेल आयात करने के प्रयास।

घरेलू स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों पर सब्सिडी का आंशिक विकल्प तलाशा जा रहा है।

वैकल्पिक ऊर्जा (CNG, EV) को बढ़ावा देने की योजनाएं।

विशेषज्ञ चेतावरी दे रहे हैं कि अगर स्थिति सुधरी नहीं तो मुद्रास्फीति 30% के पार जा सकती है और अर्थव्यवस्था गहरे संकट में फंस सकती है।

सरकार का बचाव: पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण यह फैसला “अनिवार्य” था। हालांकि, जनता इसे “जन-विरोधी” बता रही है।

पाकिस्तान इस समय सबसे गंभीर ईंधन संकट में से एक का सामना कर रहा है। आगे कीमतों में राहत मिलेगी या संकट और गहराएगा — इसे आने वाले दिन तय करेंगे।

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