राजनीति

​असम चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में मंथन: गौरव गोगोई ने ली जिम्मेदारी, AIUDF और हिमंता सरमा पर बोला हमला

असम विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद प्रदेश कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए संगठन में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं।

​असम चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में मंथन: गौरव गोगोई ने ली जिम्मेदारी, AIUDF और हिमंता सरमा पर बोला हमला

​गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने शनिवार को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की है। मीडिया से बातचीत में गोगोई ने नतीजों को “बेहद निराशाजनक” बताते हुए कहा कि उन्होंने आलाकमान को अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।

​संगठनात्मक बदलाव और अंदरूनी समीक्षा

​गौरव गोगोई ने कहा कि हार के कारणों का पता लगाने के लिए पार्टी ने आंतरिक समीक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी है।

​फीडबैक: पार्टी अपने पूर्व विधायकों, चुनाव हारने वाले उम्मीदवारों और नवनिर्वाचित विधायकों से संवाद कर रही है ताकि जमीनी हकीकत और भविष्य की रणनीति समझी जा सके।

​पुनर्गठन: गोगोई ने साफ किया कि संगठन में बदलाव और आगे के कदमों पर अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान ही करेगा।

​AIUDF और सांप्रदायिक राजनीति पर पलटवार

​एआईयूडीएफ (AIUDF) चीफ बदरुद्दीन अजमल के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए गौरव गोगोई ने दावा किया कि कांग्रेस ने ही असम में अजमल की सांप्रदायिक राजनीति को खत्म किया है।

​सांप्रदायिक राजनीति का अंत: गोगोई ने कहा कि लोकसभा चुनाव में अपनी सीट हारने के बाद अब विधानसभा चुनाव में भी AIUDF को बड़ा झटका लगा है। केवल दो सीटों को छोड़कर कांग्रेस उम्मीदवारों ने उनके गढ़ में उन्हें करारी मात दी है।

​भाजपा की मदद का आरोप: गोगोई ने आरोप लगाया कि AIUDF और AIMIM ने इस चुनाव में भाजपा को फायदा पहुँचाने का काम किया है।

​हिमंता बिस्वा सरमा पर निशाना

​मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बयानों पर पलटवार करते हुए गोगोई ने कहा कि नवनिर्वाचित सरकार के पास विकास का कोई एजेंडा नहीं है। उन्होंने कहा:

​”सरमा की बातों से साफ है कि उनके पास असम की समस्याओं को सुलझाने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। वे केवल राजनीति कर रहे हैं, विकास पर उनका कोई ध्यान नहीं है।”

​सहयोगी दलों की नाराजगी और अखिल गोगोई पर सवाल

​चुनाव में हार के बाद गठबंधन के साथियों द्वारा कांग्रेस पर लगाए जा रहे आरोपों पर भी गौरव गोगोई ने स्थिति स्पष्ट की। विशेष रूप से अखिल गोगोई के बयानों पर उन्होंने कहा:

​अकेले पड़े अखिल: गोगोई ने कहा कि पांच सहयोगी दलों में से चार के साथ कांग्रेस का तालमेल बहुत अच्छा है। केवल अखिल गोगोई ही अलग सुर अलाप रहे हैं।

​भाजपा से साठगांठ का संदेह: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव के दौरान सीएम हिमंता बिस्वा सरमा भी कहते थे कि उनकी अखिल गोगोई से बात होती है। अब अखिल गोगोई का भाजपा के सुर में सुर मिलाना कई सवाल खड़े करता है।

​निष्कर्ष: असम कांग्रेस इस समय दोहरे मोर्चे पर लड़ रही है। एक तरफ उसे अपनी हार की समीक्षा कर संगठन को खड़ा करना है, वहीं दूसरी ओर उसे सहयोगी दलों के असंतोष और विरोधियों के तीखे हमलों का जवाब देना है। आने वाले दिनों में असम कांग्रेस में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *