रतलाम की नन्हीं जानवी का कमाल: 3 साल की उम्र में शिव तांडव स्तोत्र पढ़कर बनाए 3 वर्ल्ड रिकॉर्ड
मध्य प्रदेश के रतलाम की एक नन्हीं बेटी ने अपनी अद्भुत प्रतिभा से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। महज पौने चार साल की उम्र में जानवी ने वो कारनामा कर दिखाया है, जिसे बड़े-बड़े विद्वानों के लिए भी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। यहाँ इस गौरवशाली उपलब्धि पर पूरी रिपोर्ट दी गई है:
रतलाम की नन्हीं जानवी का कमाल: 3 साल की उम्र में शिव तांडव स्तोत्र पढ़कर बनाए 3 वर्ल्ड रिकॉर्ड
रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम शहर की नन्हीं प्रतिभा जानवी सोनी ने अपनी असाधारण स्मरण शक्ति और भक्ति के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहराया है। मात्र 3 वर्ष 11 माह की जानवी ने कठिन माने जाने वाले ‘शिव तांडव स्तोत्र’ का बेहद शुद्ध और प्रभावशाली पाठ कर एक साथ तीन वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।
2 मिनट 50 सेकंड में पूरा किया पाठ
जानवी ने शिव तांडव स्तोत्र के कठिन शब्दों का सटीक उच्चारण करते हुए इसे महज 2 मिनट 50 सेकंड में पूरा किया। उसकी इस अद्भुत क्षमता, कम उम्र और पाठ की शुद्धता को देखते हुए दुनिया की तीन प्रतिष्ठित रिकॉर्ड बुक ने उसे मान्यता दी है:
लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड
वेव वर्ल्ड रिकॉर्ड
यूनाइटेड किंगडम वर्ल्ड रिकॉर्ड
हनुमान चालीसा में भी रच चुकी हैं इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब जानवी ने दुनिया को चौंकाया हो। करीब छह महीने पहले उसने मात्र 2 मिनट 40 सेकंड में हनुमान चालीसा का पाठ कर अपना पहला विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इतनी कम उम्र में दो बड़े धार्मिक स्तोत्रों पर ऐसी पकड़ होना उसकी ईश्वरीय देन और कड़ी मेहनत को दर्शाता है।
दिग्गज नेताओं ने थपथपाई पीठ
जानवी की इस उपलब्धि की गूँज दिल्ली और भोपाल तक सुनाई दी है। उसकी प्रतिभा से प्रभावित होकर कई बड़े राजनेताओं ने उसे सम्मानित किया:
शिवराज सिंह चौहान: केंद्रीय कृषि मंत्री ने जानवी से मुलाकात कर उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया।
जगदीश देवड़ा: मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने नन्हीं जानवी को नकद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया और इसे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया।
संस्कार और अभ्यास की जीत
जानवी के माता-पिता के अनुसार, बचपन से ही उसकी रुचि खिलौनों से ज्यादा धार्मिक स्तोत्रों और मंत्रों में रही है। परिवार के सहयोग और नियमित अभ्यास ने उसे इस मुकाम तक पहुँचाया है। आज न केवल उसका परिवार, बल्कि पूरा रतलाम शहर अपनी इस ‘लिटिल वंडर’ की सफलता पर जश्न मना रहा है। शहरवासियों का कहना है कि जानवी की यह उपलब्धि नई पीढ़ी के लिए भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जुड़ने का एक बड़ा प्रेरणास्रोत है।
