उत्तराखंड

​महंत रमन प्रसाद गोस्वामी के निधन पर राहुल गांधी ने जताया दुख, परिजनों को भेजा शोक संदेश

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देहरादून के प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां डाट काली मंदिर के महंत रमन प्रसाद गोस्वामी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने महंत जी के परिवार को एक व्यक्तिगत पत्र भेजकर अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।

​महंत रमन प्रसाद गोस्वामी के निधन पर राहुल गांधी ने जताया दुख, परिजनों को भेजा शोक संदेश

​शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने देहरादून के सुभाष नगर स्थित महंत जी के निवास स्थान पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की। राष्ट्रीय संचार सचिव वैभव वालिया के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी द्वारा भेजा गया शोक पत्र परिवार को सौंपा और उसे पढ़कर सुनाया।

​राहुल गांधी का शोक संदेश: मानवता और सेवा को समर्पित जीवन

​राहुल गांधी ने अपने संदेश में महंत रमन प्रसाद गोस्वामी के आध्यात्मिक और सामाजिक योगदान की सराहना की:

​महत्वपूर्ण मार्गदर्शन: राहुल गांधी ने कहा कि डाट काली सिद्धपीठ के महंत के रूप में उनका मार्गदर्शन समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।

​सेवा की भावना: उन्होंने असंख्य परिवारों को सहारा देकर मानवता की जो सेवा की, उसे हमेशा याद रखा जाएगा।

​प्रेरणा पुंज: महंत जी का करुणापूर्ण और आध्यात्मिक जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए निरंतर प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

​परिवार को ढांढस: राहुल गांधी ने शोक संतृप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में वे परिवार के साथ खड़े हैं।

​महंत जी का आध्यात्मिक सफर

​निधन: 60 वर्ष की आयु में दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार के दौरान उनका निधन हुआ।

​योगदान: वे डाट काली मंदिर के 9वें महंत थे और साल 2007 से इस सिद्धपीठ की जिम्मेदारियां संभाल रहे थे।

​सिद्धपीठ मां डाट काली मंदिर की मान्यता

​डाट काली मंदिर उत्तराखंड के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है:

​पौराणिक महत्व: यह एक सिद्धपीठ है, जहाँ माना जाता है कि माता सती के शरीर का एक खंड गिरा था।

​नाम का इतिहास: मंदिर का प्राचीन नाम ‘मां घाटे वाली देवी’ था। साल 1804 में मंदिर के समीप सुरंग (डाट) बनने के बाद इसका नाम ‘डाट काली मंदिर’ प्रसिद्ध हो गया।

​श्रद्धा: मान्यता है कि यहाँ जो भी भक्त सच्ची मनोकामना लेकर आता है, माता उसकी हर इच्छा पूरी करती हैं।

​महंत जी के निधन से धार्मिक जगत और उनके अनुयायियों में शोक की लहर है। कांग्रेस नेताओं के इस दौरे के दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं ने भी महंत जी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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