राजनीति

पश्चिम बंगाल में ममता सरकार का अंत: राज्यपाल ने भंग की विधानसभा, ममता अब नहीं रहीं मुख्यमंत्री

पश्चिम बंगाल में ममता सरकार का अंत: राज्यपाल ने भंग की विधानसभा, ममता अब नहीं रहीं मुख्यमंत्री

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव आया है। 2026 विधानसभा चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने पर राज्यपाल आर.एन. रवि ने गुरुवार (7 मई 2026) को राज्य विधानसभा को भंग कर दिया। इस फैसले के साथ ममता बनर्जी की 15 साल लंबी सरकार का औपचारिक रूप से अंत हो गया और वे अब मुख्यमंत्री नहीं रहीं।

क्या हुआ?

2026 चुनाव परिणाम: भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) को करारी शिकस्त दी। ममता बनर्जी ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने से इनकार कर दिया और इसे “प्रतीकात्मक विरोध” बताया।

राज्यपाल का फैसला: राज्यपाल आर.एन. रवि ने संविधान के अनुच्छेद 174 (2) (b) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी किया। नोटिफिकेशन में साफ कहा गया- “मैं पश्चिम बंगाल की विधानसभा को 7 मई 2026 से प्रभावी रूप से भंग करता हूं।”

सरकार का स्टेटस: विधानसभा भंग होने के साथ मंत्रिमंडल भी स्वतः भंग हो गया। अब राज्य में caretaker व्यवस्था चलेगी और नए सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सरकार बनाने का दावा करेगी।

प्रतिक्रियाएं

ममता बनर्जी और TMC ने इस फैसले को “असंवैधानिक” बताया है और चुनाव परिणामों को कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। वहीं, विपक्षी दलों ने इसे लोकतंत्र की जीत करार दिया।

यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में लंबे समय बाद सत्ता परिवर्तन का संकेत दे रहा है। आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।

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