पशुपालक और किसान आत्मनिर्भर भारत के आधार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के निरंजनपुर में पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और मत्स्य पालकों के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में आधुनिकता लाने के लिए रेफ्रिजरेटेड फिशरीज वैन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
पशुपालक और किसान आत्मनिर्भर भारत के आधार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों की आय बढ़ाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किए बिना ‘विकसित उत्तराखंड’ का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता।
पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम
मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही विभिन्न योजनाओं का विवरण साझा किया:
मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन: पशुधन इकाइयों की स्थापना के लिए पात्र लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तक का ऋण अनुदान दिया जा रहा है।
स्वरोजगार के अवसर: पिछले 4 वर्षों में गौ, बकरी और भेड़ पालन के जरिए 11,500 से अधिक लोगों को स्वरोजगार मिला है।
मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स: पशुओं के इलाज के लिए 60 विकासखंडों में मोबाइल यूनिट्स संचालित हैं और हर जिले में मॉडल पशु चिकित्सालय बन रहे हैं।
बीमारी मुक्त उत्तराखंड: केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को 2030 तक खुरपका-मुंहपका रोग मुक्त राज्य बनाने के लिए चुना है।
बद्री घी को जीआई टैग: राज्य की ‘बद्री गाय’ के घी को देश का पहला जीआई टैग (GI Tag) मिला है, जिससे इसे वैश्विक पहचान मिली है।
मत्स्य पालन: एक्सपोर्ट हब बनने की ओर उत्तराखंड
मत्स्य पालन के क्षेत्र में उत्तराखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है:
ग्रोथ रेट: उत्तराखंड का मत्स्य सेक्टर 9 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ रहा है।
ट्राउट फार्मिंग: ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए ₹170 करोड़ का बजट रखा गया है। उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में नई ट्राउट हैचरी बनाई जा रही हैं।
श्रेष्ठ मत्स्य राज्य: भारत सरकार ने उत्तराखंड को हिमालयी राज्यों की श्रेणी में ‘श्रेष्ठ मत्स्य राज्य’ के सम्मान से नवाजा है।
सफलता की कहानियाँ (Case Studies)
संवाद के दौरान पशुपालकों ने अपनी सफलता के अनुभव साझा किए:
हरिकिशन लखेड़ा (हरिद्वार): साहिवाल गायों के जरिए प्रतिदिन 300 लीटर दूध उत्पादन कर रहे हैं और प्रतिमाह ₹1.15 लाख की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं।
अमित सिंह (डोईवाला): चारे के लिए FPO बनाया, जिससे 386 लोग जुड़े हैं। 3 साल में उनका टर्नओवर ₹10 करोड़ से अधिक रहा है।
कैबिनेट मंत्री का संबोधन
इस अवसर पर पशुपालन एवं मत्स्य पालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में ‘गोट वैली प्रोजेक्ट’ और ‘मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ जैसी पहलों से हजारों लाभार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने खुशी जताई कि आज राज्य के सभी दुग्ध संघ मुनाफे में चल रहे हैं।
उपस्थिति: कार्यक्रम में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद अंथवाल, पशु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र मोघा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
