सोमनाथ: भारतीय संस्कृति और अदम्य आत्मबल का अमर प्रतीक: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमनाथ मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता और आगामी विशेष कार्यक्रम को लेकर एक प्रेरक संदेश साझा किया है। मुख्यमंत्री ने सोमनाथ को भारतीय अस्मिता और आध्यात्मिक विजय का प्रतीक बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना की।
सोमनाथ: भारतीय संस्कृति और अदम्य आत्मबल का अमर प्रतीक: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमनाथ मंदिर को भारत की सनातन संस्कृति और अटूट आध्यात्मिक चेतना का जीवंत उदाहरण बताया है। उन्होंने कहा कि अनेक आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ का अस्तित्व यह सिद्ध करता है कि भारतीय संस्कृति को मिटाया नहीं जा सकता।
”विरासत वर्ष के 75 वर्ष”: सांस्कृतिक गौरव का उत्सव
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 8 से 11 मई 2026 के बीच सोमनाथ मंदिर परिसर में “विरासत वर्ष के 75 वर्ष” कार्यक्रम का भव्य आयोजन होने जा रहा है।
राष्ट्रीय गौरव: सीएम धामी के अनुसार, यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय अस्मिता और आध्यात्मिक विरासत का महापर्व है।
नई पीढ़ी को संदेश: इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य देश की समृद्ध परंपराओं और सनातन मूल्यों को युवा पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुँचाना है।
सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया अध्याय
मुख्यमंत्री ने देश में चल रहे सांस्कृतिक उत्थान का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा कि:
भव्य विकास: काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, और उत्तराखंड के गौरव केदारनाथ एवं बद्रीनाथ का पुनरोद्धार भारत की सांस्कृतिक पुनर्जागरण यात्रा का प्रमाण है।
संकल्प से सिद्धि: आज देश की आध्यात्मिक धरोहरों का संरक्षण और संवर्धन एक नई ऊर्जा के साथ हो रहा है, जिससे राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक एकता को मजबूती मिल रही है।
एकता और जड़ों से जुड़ाव
सीएम धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि सोमनाथ में होने वाला यह आयोजन न केवल भारतीय सभ्यता के मूल्यों को विश्व पटल पर स्थापित करेगा, बल्कि देशवासियों में अपनी जड़ों के प्रति गर्व की भावना को भी जगाएगा। उनके अनुसार, ऐसे आयोजनों से भारत की सनातन परंपरा और अधिक सशक्त होकर उभरेगी।
नोट: सोमनाथ मंदिर का यह विशेष कार्यक्रम आजादी के अमृत काल में भारत की सांस्कृतिक शक्ति के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
