राजनीति

​तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: टीवीके को मिला सीपीआई का साथ, डी राजा ने राज्यपाल की भूमिका पर उठाए सवाल

तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त जबरदस्त सस्पेंस बना हुआ है। थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर तो उभरी है, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े (118) से दूर होने के कारण सरकार गठन का मामला राजभवन में अटका हुआ है। इसी बीच वामपंथी दलों के रुख ने राज्य की सियासत को नया मोड़ दे दिया है।

​तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: टीवीके को मिला सीपीआई का साथ, डी राजा ने राज्यपाल की भूमिका पर उठाए सवाल

​तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद ‘विजय सरकार’ के शपथ ग्रहण को लेकर अनिश्चितता बरकरार है। टीवीके प्रमुख विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है, लेकिन बहुमत के स्पष्ट प्रमाण के अभाव में राजभवन ने अभी हरी झंडी नहीं दी है। इस बीच, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के महासचिव डी राजा ने विजय के समर्थन में बड़ा बयान देकर हलचल तेज कर दी है।

​”विजय को मिलना चाहिए मौका” – डी राजा

​सीपीआई महासचिव डी राजा ने राज्यपाल की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में सबसे बड़े जनादेश का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा:

​भले ही किसी को स्पष्ट बहुमत न मिला हो, लेकिन जनता ने विजय को सबसे बड़ा जनादेश दिया है।

​राज्यपाल को उन्हें सरकार बनाने और सदन में बहुमत साबित करने का अवसर देना चाहिए।

​राज्यपाल को भाजपा या आरएसएस के प्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि संवैधानिक मर्यादा में रहकर कार्य करना चाहिए।

​कांग्रेस से अलग वामपंथी और वीसीके की राह?

​डी राजा ने गठबंधन के भीतर चल रही खींचतान को भी सार्वजनिक किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विजय को समर्थन देने के मुद्दे पर कांग्रेस ने उनसे कोई बात नहीं की है और उनका फैसला एकतरफा हो सकता है। हालांकि, राज्य स्तर पर सीपीआई (CPI), सीपीएम (CPM) और वीसीके (VCK) तीनों दल आपस में निरंतर बातचीत कर रहे हैं। ये तीनों पार्टियां एक सामूहिक रुख अपनाकर साझा रणनीति पर आगे बढ़ रही हैं।

​विधानसभा का अंकगणित और बहुमत की चुनौती

​तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है। वर्तमान स्थिति कुछ इस प्रकार है:

​टीवीके (TVK): 108 सीटें (बहुमत से 10 दूर)

​पीएमके (PMK): 04 सीटें

​सीपीआई (CPI): 02 सीटें

​सीपीएम (CPM): 02 सीटें

​वीसीके (VCK): 02 सीटें

​आईयूएमएल (IUML): 02 सीटें

​यदि सीपीआई, सीपीएम और वीसीके (कुल 6 सीटें) टीवीके को समर्थन देती हैं, तब भी विजय का आंकड़ा 114 तक ही पहुँचता है, जो बहुमत से 4 सीट कम है। ऐसे में पीएमके (4 सीटें) और निर्दलीयों की भूमिका निर्णायक हो गई है।

​फिलहाल सभी की निगाहें राजभवन पर टिकी हैं कि राज्यपाल आर.एन. रवि ‘सबसे बड़े दल’ के नेता को आमंत्रित करते हैं या अन्य गठबंधनों के दावों का इंतजार करते हैं।

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