उत्तराखंड

देहरादून को जाम से मिलेगी मुक्ति: परेड ग्राउंड और सचिवालय क्षेत्र में बनेगी भव्य अंडरग्राउंड पार्किंग, 128 करोड़ की योजना तैयार

देहरादून को जाम से मिलेगी मुक्ति: परेड ग्राउंड और सचिवालय क्षेत्र में बनेगी भव्य अंडरग्राउंड पार्किंग, 128 करोड़ की योजना तैयार

​देहरादून। राजधानी देहरादून की सड़कों पर बढ़ते वाहनों के दबाव और गंभीर जाम की समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने एक बड़ा ‘पार्किंग मास्टर प्लान’ तैयार किया है। बुधवार को सचिवालय में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में शहर के दो महत्वपूर्ण स्थलों पर अंडरग्राउंड पार्किंग के निर्माण को लेकर गहन मंथन किया गया।

​1. परेड ग्राउंड–गांधी पार्क: 390 वाहनों के लिए आधुनिक पार्किंग

​लोक निर्माण विभाग (PWD) ने परेड ग्राउंड और गांधी पार्क के मध्य प्रस्तावित पार्किंग का खाका पेश किया।

​लागत और क्षेत्रफल: लगभग 60 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 6500 वर्गमीटर क्षेत्र में इसका निर्माण होगा।

​क्षमता: यहाँ एक साथ 390 वाहन पार्क किए जा सकेंगे।

​लाभ: इससे राजपुर रोड, ऐस्ले हॉल, सुभाष रोड और लैंसडाउन चौक जैसे व्यस्त इलाकों में सड़क किनारे लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।

​2. सचिवालय क्षेत्र: 189 वाहनों की क्षमता वाली दूसरी परियोजना

​सचिवालय के राजपुर रोड की ओर स्थित भूमि पर एक और अंडरग्राउंड पार्किंग प्रस्तावित है।

​बजट: इसकी लागत 68 करोड़ रुपये आंकी गई है।

​पुनर्परीक्षण के निर्देश: सचिव आवास ने इस परियोजना में प्रति वाहन खर्च (लगभग 35 लाख) अधिक होने पर आपत्ति जताई है और विभाग को इसका पुनः परीक्षण करने तथा यह स्पष्ट करने को कहा है कि यह पार्किंग केवल कर्मचारियों के लिए होगी या आम जनता के लिए भी।

​निर्माण के दौरान ट्रैफिक मैनेजमेंट पर जोर

​बैठक में यह स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य के दौरान शहर का ट्रैफिक प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसके लिए:

​PWD, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग और MDDA के साथ मिलकर एक समग्र ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान बनाया जाएगा।

​खेल विभाग और नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।

​मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में होगा विकास

​डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि इन परियोजनाओं को पर्यावरणीय मानकों और आधुनिक शहरी नियोजन के अनुरूप विकसित किया जाएगा। पार्किंग स्थल पर हरित क्षेत्र और पारिस्थितिकी संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाएगा। शुल्क का निर्धारण भी शहर के अन्य पार्किंग स्थलों के अनुरूप ही किया जाएगा ताकि आम जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

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