उत्तराखंड

​बड़ी खबर: रात्रि 10 से सुबह 4 बजे तक यात्रा मार्ग रहेगा पूरी तरह बंद, वीआईपी दर्शन पर लगा प्रतिबंध

केदारनाथ यात्रा: आयुक्त गढ़वाल ने कसी कमर; सुरक्षा, स्वच्छता और पारदर्शिता पर दिए सख्त निर्देश

​बड़ी खबर: रात्रि 10 से सुबह 4 बजे तक यात्रा मार्ग रहेगा पूरी तरह बंद, वीआईपी दर्शन पर लगा प्रतिबंध

​रुद्रप्रयाग। श्री केदारनाथ धाम यात्रा के सफल और सुरक्षित संचालन को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में है। आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने आज जिला कार्यालय रुद्रप्रयाग में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और व्यापार मंडल के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा।

​स्वच्छता और पारदर्शिता पर ‘जीरो टॉलरेंस’

​गढ़वाल आयुक्त ने निर्देश दिए कि 18 किलोमीटर के पैदल मार्ग पर स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक शौचालय पर सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। हेली सेवाओं के संबंध में सख्त हिदायत देते हुए उन्होंने कहा कि टिकटों की कालाबाजारी या निर्धारित दरों से अधिक वसूली पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

​सुरक्षा के लिए कड़े कदम

​यात्रा मार्ग पर दुर्घटनाओं और जोखिम को कम करने के लिए प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं:

​रात्रि आवागमन प्रतिबंधित: रात 10:00 बजे से सुबह 4:00 बजे तक यात्रा मार्ग पर पैदल और वाहन आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

​वीआईपी दर्शन पर रोक: धाम में सभी श्रद्धालुओं के लिए समान व्यवस्था रहेगी, किसी को भी विशेष प्राथमिकता (वीआईपी दर्शन) नहीं दी जाएगी।

​फायर ऑडिट: केदारनाथ धाम में आग से सुरक्षा के लिए फायर ऑडिट के निर्देश दिए गए हैं और उपकरणों हेतु ₹5 लाख की राशि आवंटित की गई है।

​भ्रामक खबरों पर तत्काल प्रहार

​सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक खबरों को लेकर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा से जुड़ी किसी भी गलत सूचना का तत्काल खंडन करें और विभाग का आधिकारिक पक्ष जनता के सामने रखें।

​यात्रा के अब तक के मुख्य आंकड़े (एक नजर में):

​श्रद्धालु: अब तक 3 लाख से अधिक भक्तों ने बाबा के दर्शन किए।

​स्वास्थ्य: 31,000 से अधिक लोगों को मेडिकल सहायता प्रदान की गई।

​परिवहन: 11,000 से अधिक यात्रियों ने हेली सेवा का उपयोग किया।

​पशु सेवा: 8,000 से अधिक घोड़े-खच्चरों का पंजीकरण व बीमा सुनिश्चित किया गया।

​जनप्रतिनिधियों की मांग और आश्वासन

​बैठक में केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने तुना-बौंठा मार्ग के डामरीकरण और चोपता में पार्किंग निर्माण की मांग रखी। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर प्रमुख स्थानों पर साइन बोर्ड लगा दिए जाएंगे।

​आयुक्त का संदेश: “यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम की प्रतिकूलता होने पर यात्रा को अल्पकाल के लिए रोका जा सकता है। हम सोनप्रयाग और गौरीकुंड का स्थलीय निरीक्षण कर यात्रियों से सीधा संवाद करेंगे।”

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