Thursday, June 25, 2026
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उत्तराखंड

टिहरी झील में टला बड़ा हादसा: आंधी-तूफान से ‘फ्लोटिंग हट्स’ क्षतिग्रस्त, SDRF ने बचाई 30 पर्यटकों की जान

टिहरी झील में टला बड़ा हादसा: आंधी-तूफान से ‘फ्लोटिंग हट्स’ क्षतिग्रस्त, SDRF ने बचाई 30 पर्यटकों की जान

​नई टिहरी: उत्तराखंड की प्रसिद्ध टिहरी झील में शनिवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। तेज आंधी और तूफान के कारण झील के ऊपर बने फ्लोटिंग हट्स (तैरते हुए कमरे) क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर वहां फंसे पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

​दो हिस्सों में बंट गई फ्लोटिंग हट्स

​शनिवार शाम को आए अचानक तूफान ने झील में भारी हलचल पैदा कर दी। तूफान का वेग इतना तेज था कि फ्लोटिंग हट्स को जोड़ने वाली जेटी (रास्ता) टूटकर क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते हट्स दो हिस्सों में बंट गई और वहां ठहरे पर्यटकों में अफरा-तफरी मच गई।

​सकुशल रेस्क्यू: कोटी कॉलोनी में तैनात एसडीआरएफ की टीम ने सूचना मिलते ही मोर्चा संभाला और अंधेरे व खराब मौसम के बीच करीब 30 पर्यटकों को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।

​बची जान: हाल ही में जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे जैसी स्थिति यहाँ भी बन गई थी, लेकिन टीम की मुस्तैदी ने किसी भी जनहानि को रोक लिया।

​सेफ्टी ऑडिट तक संचालन पर लगी रोक

​रविवार को प्रभारी जिलाधिकारी/सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने प्रशासनिक टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने फ्लोटिंग हट्स को हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद कड़े निर्देश जारी किए:

​जांच कमेटी का गठन: एसडीएम कमलेश मेहता के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ टीम गठित की गई है।

​सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक विशेषज्ञों की टीम हट्स का ‘सेफ्टी ऑडिट’ कर सुरक्षा की पुष्टि नहीं कर देती, तब तक इनका दोबारा संचालन नहीं किया जाएगा।

​सुरक्षा मानकों की समीक्षा: टीम यह जांचेगी कि भविष्य में इस तरह के तूफान आने पर पर्यटकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।

​अधिकारियों ने किया मौका मुआयना

​निरीक्षण के दौरान एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता, जिला विकास पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन अब इस बात पर ध्यान दे रहा है कि जल पर्यटन के दौरान सुरक्षा मानकों में किसी भी स्तर पर चूक न हो।

​नोट: जबलपुर हादसे की याद ताजा करते हुए प्रशासन अब और अधिक सतर्क हो गया है ताकि टिहरी जैसी लोकप्रिय पर्यटन जगह पर पर्यटकों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

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