ईरान-अमेरिका तनाव: ट्रंप ने अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाया सीजफायर, पर होर्मुज की नाकाबंदी रहेगी जारी
ईरान-अमेरिका तनाव: ट्रंप ने अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाया सीजफायर, पर होर्मुज की नाकाबंदी रहेगी जारी
खाड़ी देशों में जारी तनाव के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे सीजफायर (संघर्षविराम) को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने का ऐलान किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दो हफ्ते के सीजफायर के खत्म होने में महज 24 घंटे बचे थे और ईरान ने पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता से किनारा कर लिया था।
ट्रंप का ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट: पाकिस्तान की अपील पर लिया फैसला
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम पाकिस्तान के अनुरोध पर उठाया गया है।
पाकिस्तान की भूमिका: ट्रंप ने लिखा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के अनुरोध पर उन्होंने हमले रोकने का निर्देश दिया है।
ईरान पर तंज: ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सरकार अंदरूनी तौर पर बंटी हुई है। उन्होंने कहा, “हम तब तक इंतजार करेंगे जब तक ईरानी नेता कोई ठोस प्रस्ताव लेकर नहीं आते।”
दो टूक चेतावनी: सीजफायर बढ़ने के बावजूद ट्रंप ने साफ कर दिया कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है और होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी जारी रहेगी।
नाकाबंदी बनी रार की जड़: “इज्जत बचाने की कोशिश कर रहा ईरान”
ईरान के शांति वार्ता में न आने का सबसे बड़ा कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी है। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में इसके पीछे की रणनीति साझा की:
”ईरान चाहता है कि होर्मुज खुला रहे ताकि वे रोजाना 500 मिलियन डॉलर कमा सकें। वे इसे बंद करने की धमकी सिर्फ अपनी ‘इज्जत’ बचाने के लिए दे रहे हैं। अगर हम नाकाबंदी हटा देते हैं, तो उनके साथ कभी कोई स्थायी समझौता नहीं हो पाएगा।”
पाकिस्तान की कूटनीति: शहबाज ने जताया आभार
ईरान की बेरुखी के कारण अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का इस्लामाबाद दौरा रद्द हो गया था, जिससे पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों को झटका लगा था। हालांकि, सीजफायर बढ़ने पर पीएम शहबाज शरीफ ने राहत की सांस ली।
शहबाज शरीफ ने कहा, “मैं राष्ट्रपति ट्रंप का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने हमारी गुजारिश मान ली। पाकिस्तान इस झगड़े को बातचीत से सुलझाने की अपनी कोशिशें जारी रखेगा।”
ईरान का सख्त रुख: “सीजफायर का कोई मतलब नहीं”
ट्रंप के इस ‘एकतरफा’ ऐलान पर ईरान ने फिलहाल कोई आधिकारिक सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है। ईरान की ओर से आए बयान कड़वाहट भरे हैं:
बेतुकी बातचीत: ईरानी सांसद महमूद नबावियन ने कहा कि अब अमेरिका से बात करना ‘नुकसानदेह और बेतुका’ है।
सैन्य चेतावनी: ईरान की टॉप मिलिट्री कमांड ‘खातम अल-अनबिया’ ने चेतावनी दी है कि अगर कोई हमला हुआ, तो वे अमेरिका और इजरायल को कड़ा सबक सिखाएंगे।
आगे क्या?
फिलहाल युद्ध का खतरा टल गया है, लेकिन गेंद अब ईरान के पाले में है। दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या ईरान किसी नए प्रस्ताव के साथ इस्लामाबाद की मेज पर लौटता है या खाड़ी में यह ‘कोल्ड वॉर’ जारी रहता है।
